ग़ाज़ियाबाद

विपक्ष के पास मुद्दे नहीं, सत्ता की लालसा में कर रहा रैलियां:  पाठक-एमएमजी अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मरीजों के बीच पहुंचकर परखी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत  

गाजियाबाद। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक रविवार को गाजियाबाद पहुंचे। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने एमएमजी जिला अस्पताल का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की और उपचार, दवाइयों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का निरीक्षण कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों की कमी दूर करने, पुराने भवनों की तकनीकी जांच कराने और आवश्यक बजट उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मरीजों को उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। एमएमजी अस्पताल पहुंचने पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ सहित प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चन्द्र वैश्य, अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान ब्रजेश पाठक सीधे आपातकालीन वार्ड पहुंचे और वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से पूछा कि अस्पताल में दवाइयां, जांच और उपचार की सुविधाएं किस प्रकार मिल रही हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकांश मरीज बुखार और मौसमी बीमारियों से पीडि़त मिले। मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सेवाओं तथा चिकित्सकीय स्टाफ के व्यवहार पर संतोष जताया। इस पर उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने दुर्घटना में घायल एक ऐसे मरीज से भी बातचीत की, जो शराब के सेवन के कारण हादसे का शिकार हुआ था। उप मुख्यमंत्री ने उसे नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ उसके पूरे परिवार के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने मरीज को अपने स्वास्थ्य और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को समझने की बात कही। साथ ही अन्य मरीजों को खानपान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। 
उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, जिससे मरीजों को नई सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में बजट की कमी आड़े आ रही है तो तत्काल इसकी जानकारी दी जाए और आवश्यक धनराशि के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाए। बजट के अभाव में जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
नई बिल्डिंग के आसपास स्थित पुराने भवनों और निर्माणों की स्थिति का भी उन्होंने जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन भवनों की लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से तकनीकी जांच कराई जाए। जांच में जो भवन जर्जर और ध्वस्तीकरण योग्य पाए जाएं, उन्हें नियमानुसार ध्वस्त कराया जाए। वहीं, जो भवन उपयोग के योग्य हों, उनकी मरम्मत और जीर्णोद्धार कराया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था जनपद और शासन स्तर से की जाए। उप मुख्यमंत्री ने जनपद में चिकित्सकों की उपलब्धता और रिक्त पदों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन पदों पर चिकित्सकों की कमी है, उन्हें भरने के लिए शासन को तत्काल पत्र भेजा जाए, ताकि अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिलना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए और मरीजों को किसी भी स्तर पर असुविधा न होने दी जाए। अस्पताल निरीक्षण के बाद पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ब्रजेश पाठक ने आजम खां की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर कहा कि रामपुर जेल से छूटने के बाद उनकी गिरफ्तारी कानून के तहत हुई है। इसमें कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। सरकार कानून के काम में हस्तक्षेप नहीं करती। यदि किसी को अन्याय लगता है तो उसके लिए अदालत के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और सरकार का प्रयास इसे और मजबूत करना है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने भाजपा की जीत का दावा किया। कांग्रेस की दिल्ली रैली पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के लिए व्याकुल है और जनता के बीच उसका जनाधार नहीं बचा है। वहीं, वाराणसी एमएलसी चुनाव में भाजपा की हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी इसकी समीक्षा कर रही है। शुरुआती समीक्षा में टिकट घोषित करने में देरी एक कारण सामने आया है। कमियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में इन परिणामों का असर नहीं पड़ेगा।
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न्याय और जनकल्याण का संगम बना मेगा कैम्प, स्वास्थ्य जांच से लेकर साइबर सुरक्षा तक के लगे स्टॉल

गाजियाबाद। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को जनपद न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विशाल मेगा कैम्प का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और स्वास्थ्य संगठनों ने स्टॉल लगाकर लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं, नि:शुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश विनोद सिंह रावत ने फीता काटकर किया। मेगा कैम्प का उद्देश्य पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोडऩे के साथ उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा बनौधिया के पर्यवेक्षण में आयोजित शिविर में पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी), पैनल अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसिल की टीम ने लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। साथ ही कमजोर और वंचित वर्गों के लिए उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी भी दी गई। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी ने स्वास्थ्य जागरूकता शिविर लगाया, जबकि यशोदा मेडिसिटी की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध कराई गई। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया गया। साइबर जागरूकता शिविर में ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और डिजिटल सुरक्षा के उपाय बताए गए। इसके अलावा 112 हेल्पलाइन की उपयोगिता की जानकारी भी दी गई। 
मेगा कैम्प में जिला कारागार डासना की ओर से बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से बंदियों के हुनर, कौशल और आत्मनिर्भरता की क्षमता को प्रदर्शित किया गया। अग्निशमन विभाग और पुलिस विभाग ने आग से बचाव, अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा के उपाय बताए। यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग, लव टू हेल्प फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं ने भी अपने स्टॉल लगाए। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बैंड की धुन से अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों ने गणेश वंदना प्रस्तुत की, जबकि घरौंदा बाल गृह के बच्चों और एक दिव्यांग बालिका ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान वृक्षारोपण भी किया गया।
जनपद न्यायाधीश विनोद सिंह रावत ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने मेगा कैम्प के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, नि:शुल्क विधिक सहायता और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा बनौधिया ने कहा कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर और वंचित लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी संजय वीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता, पूनम सिंघल, डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला, जितेंद्र मिश्रा, लोकेश वरुण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसवीर सिंह यादव, गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मदेव त्यागी और सचिव वरुण त्यागी सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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