ग़ाज़ियाबाद

एक साल में आधुनिक तकनीक और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं से स्वास्थ्य क्षेत्र में यशोदा मेडिसिटी ने बनाई पहचान

-पहले वर्ष में 4,235 से अधिक सर्जरी और 3,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मरीजों का उपचार

गाजियाबाद। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, जटिल सर्जरी, उन्नत कैंसर उपचार और जनस्वास्थ्य से जुड़ी पहलों के साथ यशोदा मेडिसिटी ने अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया है। अस्पताल ने इस दौरान 1.20 लाख से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार और बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में परामर्श दिया। लिवर और किडनी प्रत्यारोपण सहित 4,235 से अधिक सर्जरी की गईं, जबकि 3,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मरीजों ने भी यहां उपचार कराया। यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर में 8,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। अस्पताल अब अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने और अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने की तैयारी में है। 26 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अस्पताल का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद रहे थे। यशोदा मेडिसिटी, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के 35 वर्षों से अधिक के अनुभव को आगे बढ़ाते हुए सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं और आधुनिक तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अस्पताल ने जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए फरवरी 2026 में एमएमजी जिला अस्पताल के सहयोग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की। इसका उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने किया। इस व्यवस्था के माध्यम से गंभीर मरीजों की निगरानी और उनकी स्थिति में होने वाले बदलावों पर विशेषज्ञों की मदद से तेजी से प्रतिक्रिया देने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय मार्गदर्शन से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। मई 2026 में अस्पताल ने थैलेसीमिया मरीजों के लिए विशेष देखभाल केंद्र स्थापित किया। यहां विशेषज्ञ परामर्श, रक्त चढ़ाने, आयरन केलेशन थेरेपी, आनुवंशिक परामर्श और बोन मैरो प्रत्यारोपण के लिए मूल्यांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा बीमारी की शुरुआती पहचान, वाहक की जांच और प्रसवपूर्व परीक्षण से संबंधित परामर्श की व्यवस्था भी की गई है। अस्पताल ने न्यूरोसाइंस, अंग प्रत्यारोपण, कैंसर चिकित्सा, हृदय रोग और गंभीर मरीजों की देखभाल जैसी विशेषज्ञताओं में अपनी क्षमताओं को विकसित किया है। यहां रोबोटिक सर्जरी, उन्नत जांच और आधुनिक उपचार तकनीकों के माध्यम से जटिल बीमारियों के इलाज पर जोर दिया जा रहा है। कैंसर देखभाल में एलेक्ता यूनिटी एमआर-लिनैक, हाइपरसाइट और एथोस थेरेपी जैसी तकनीकों के साथ रेडिएशन उपचार तथा रेडियोसर्जरी के विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। अस्पताल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की मान्यता भी मिली है। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि पहला वर्ष आधुनिक चिकित्सा ढांचे और विशेषज्ञ सेवाओं की मजबूत नींव तैयार करने वाला रहा है। दूसरे वर्ष में अस्पताल का ध्यान उन्नत उपचार की उपलब्धता बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाओं को विकसित करने और मरीजों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा।
यशोदा मेडिसिटी ने उपचार सेवाओं के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए भी पहल की। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सितंबर में ‘रेप से रेस्क्यू तक’ अभियान शुरू किया गया। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर के जिम और फिटनेस केंद्रों से जुड़े 70 से अधिक पेशेवरों को हृदयाघात की पहचान, आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाने और सीपीआर देने का प्रशिक्षण दिया गया।
अक्टूबर में इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रॉमा एंड एक्यूट केयर के सहयोग से करीब 100 पुलिसकर्मियों, प्रथम प्रतिक्रिया दल के सदस्यों और सामुदायिक प्रतिभागियों को ट्रॉमा फर्स्ट रिस्पॉन्स का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें घटनास्थल की सुरक्षा, सांस का मार्ग खुला रखने, रक्तस्राव रोकने और घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने जैसे विषय शामिल रहे। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना लोगों के स्वास्थ्य पर पडऩे वाला सकारात्मक प्रभाव है। अस्पताल का उद्देश्य विशेषज्ञ उपचार की पहुंच बढ़ाना, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सहयोग देना और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। अस्पताल की नियोजित क्षमता 1,200 से अधिक बिस्तरों, 252 से ज्यादा मॉड्यूलर आईसीयू बिस्तरों, 22 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों और 10 से अधिक एंडोस्कोपी सुइट्स की है। यहां 65 से अधिक सुपर स्पेशियलिटी और 12 उत्कृष्टता केंद्रों का नियोजित चिकित्सा ढांचा है। दूसरे वर्ष में अस्पताल का लक्ष्य इन सुविधाओं और जनस्वास्थ्य साझेदारियों के जरिए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर तथा अंतरराष्ट्रीय मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button