ग़ाज़ियाबाद

टीबी के खिलाफ गाजियाबाद में ‘जोश’ का आगाज, अब हर विभाग बनेगा अभियान का हिस्सा

गाजियाबाद। टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में गाजियाबाद ने एक नई पहल शुरू की है। टीबी उन्मूलन के लिए जिले में ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने जोश टीम का शुभारंभ किया। गाजियाबाद की टीम मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ी। इस पहल का उद्देश्य टीबी उन्मूलन की मुहिम को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखकर जिले के विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को एक साझा अभियान से जोडऩा है। गाजियाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में विभागीय समन्वय और जनभागीदारी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य सरकारी विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर काम करेंगे तो टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. अमित विक्रम ने टीबी की जल्द पहचान, समय पर जांच और मरीजों को तत्काल उपचार से जोडऩे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीमारी की पहचान जितनी जल्दी होगी, मरीज का उपचार उतनी ही प्रभावी तरीके से शुरू किया जा सकेगा और संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलेगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव ने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए चल रही गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जोश टीम के माध्यम से टीबी के संभावित मरीजों तक पहुंच बढ़ाने के साथ उन्हें जांच और उपचार की सुविधा से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में एनसीसी, युवा कल्याण एवं युवा कार्यक्रम, पंचायती राज, जिला पंचायत राज, बेसिक शिक्षा, शिक्षा, श्रम, समाज कल्याण और नगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। जोश टीम के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार से जोडऩे के साथ उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाया जाएगा। जिला क्षय रोग विभाग की टीम की ओर से डीपीसी राघवेंद्र सिंह चौहान, डीपीटीसी निधि त्रिखा और पीपीएम दीपाली गुप्ता समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग का मानना है कि विभिन्न विभागों की भागीदारी बढऩे से टीबी उन्मूलन अभियान को गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने तथा गाजियाबाद को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को गति देने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि टीबी से लड़ाई केवल दवाओं और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान, जागरूकता, मरीजों को उपचार से जोडऩा और उपचार पूरा होने तक सहयोग देना भी उतना ही जरूरी है। जोश टीम के जरिए स्वास्थ्य विभाग अब अन्य विभागों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाएगा। इससे संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे की प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ टीबी उन्मूलन के प्रति आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

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