व्यापार मेले में दिखा बदलते गाजियाबाद का नया चेहरा, थीम पार्क और चौराहों के सुंदरीकरण की भी झलक

गाजियाबाद। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर के वर्तमान और प्रस्तावित विकास की तस्वीर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की। 25 से 29 सितंबर तक चल रहे व्यापार मेले में प्राधिकरण के भव्य प्रदर्शनी स्थल पर गाजियाबाद की प्रमुख आवासीय, आधारभूत ढांचा, यातायात, खेल, हरित क्षेत्र और सुंदरीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से सुनियोजित, आधुनिक, हरित और बेहतर संपर्क सुविधाओं वाले गाजियाबाद की भविष्य की तस्वीर आगंतुकों के सामने रखी गई। व्यापार मेले में देश-विदेश से पहुंच रहे लोगों के बीच गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का प्रदर्शनी स्थल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रदर्शित परियोजनाओं के माध्यम से ‘विकास से समृद्धि की ओरÓ की अवधारणा को सामने रखा गया है। हरनंदीपुरम आवासीय योजना, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हिंडन हवाई अड्डे के आसपास प्रस्तावित एयरोसिटी बस्ती, हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर, थीम पार्क और प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण समेत कई योजनाओं को इसमें शामिल किया गया है। प्रदर्शनी में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना को विशेष स्थान दिया गया। करीब 501 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस योजना में आधुनिक आवासीय क्षेत्रों के साथ चौड़ी सड़कें, हरित पट्टियां, पार्क, नागरिक सुविधाएं और बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने की योजना है। हाल ही में प्राधिकरण बोर्ड द्वारा योजना के प्रथम चरण के विन्यास को मंजूरी दिए जाने की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। प्रथम चरण करीब 49.62 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है। योजना का उद्देश्य बढ़ती आबादी और भविष्य की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्र विकसित करना है। प्रदर्शनी में योजना का स्वरूप और प्रस्तावित सुविधाएं लोगों को यह समझाने का प्रयास करती हैं कि आने वाले समय में शहर का विस्तार किस दिशा में होगा। इसी क्रम में राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टेडियम के लिए प्राधिकरण द्वारा प्रारंभिक डिजाइन और लागत का आकलन तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के साथ संयुक्त रूप से परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है। स्टेडियम तक पहुंच आसान बनाने के लिए 45 मीटर चौड़ी सड़क के सुदृढ़ीकरण की योजना भी इसमें शामिल है। प्रदर्शनी के माध्यम से प्राधिकरण ने आवासीय विकास के साथ सड़क, खेल, हरित क्षेत्र, मनोरंजन, यातायात और नागरिक सुविधाओं को एक साथ जोड़कर गाजियाबाद के भविष्य का खाका प्रस्तुत किया है। व्यापार मेले में यह प्रदर्शनी शहर के विकास की मौजूदा तस्वीर के साथ आने वाले वर्षों की योजनाओं को भी देश-विदेश से आए आगंतुकों के सामने रखने का माध्यम बनी है। प्राधिकरण का जोर ऐसे गाजियाबाद के विकास पर है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ हरियाली, बेहतर संपर्क व्यवस्था और व्यवस्थित शहरी जीवन भी सुनिश्चित हो सके। हिंडन हवाई अड्डे के आसपास प्रस्तावित एयरोसिटी बस्ती को भी भविष्य के विकास की महत्वपूर्ण योजना के रूप में प्रदर्शित किया गया। रणनीतिक स्थान को ध्यान में रखते हुए यहां आवासीय, व्यावसायिक और आधुनिक शहरी गतिविधियों के लिए सुनियोजित क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रस्तावों को प्राधिकरण बोर्ड से मंजूरी मिलने की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हापुड़ चुंगी पर प्रस्तावित चार लेन फ्लाईओवर और संपर्क मार्ग भी प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 102.31 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा ऊंची सड़क पर करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से दो नए संपर्क मार्ग विकसित करने की योजना भी यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गाजियाबाद में विकसित और प्रस्तावित विभिन्न विषय आधारित पार्कों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया। आनंद वाटिका, विकसित भारत अनुभव पार्क, संस्कृति दर्शन पार्क तथा रामायण आधारित आनंद वाटिका प्रमुख हैं। इंदिरापुरम स्थित संस्कृति दर्शन पार्क में भारतीय स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाने वाली प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं। करीब चार एकड़ क्षेत्र में 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्क में प्राचीन स्थापत्य और सांस्कृतिक स्थलों की 21 प्रतिकृतियां शामिल हैं। मधुबन-बापूधाम में रामायण काल की आनंद वाटिका की अवधारणा पर पार्क विकसित करने की योजना भी प्रदर्शित की गई है। इसमें औषधीय और फलदार पौधों के साथ हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रावधान है। प्रमुख चौराहों और मार्गों के सुधार तथा सुंदरीकरण को भी प्राधिकरण ने अपनी विकास योजनाओं में शामिल किया है। चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ हरित क्षेत्र, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुंदरीकरण के कार्य प्रस्तावित हैं। राजनगर एक्सटेंशन समेत विभिन्न स्थानों पर चौराहों के सुधार और सुंदरीकरण के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं।


