एडीएम जे-तहसीलदार सदर कोर्ट का बहिष्कार
-सालों से चल रही है कोर्टों के बहिष्कार कर अनियमितता पर अंकुश की कोशिश
मथुरा। प्रशासनिक न्यायालयों में न्यायिक पीठ पर बैठे अफसरों की कार्यप्रणाली से अधिवक्ता आए दिन खफा हो जाते हैं। इसके चलते एडीएम न्यायिक वेद प्रिय आर्य की कोर्ट का 28 अगस्त से एवं 6 सितम्बर से तहसीलदार सदर अमित त्रिपाठी की कोर्ट का वहिष्कार कर रखा है। पूर्व में भी कयी न्यायाधिकारियों की कोर्ट का वहिष्कार महीनों चला लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात रहा। इधर वादकारी परेशान हो रहे हैं।
मथुरा जनपद में जमीनों की कीमत आसमान छूने के साथ ही कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी होने लगी है। प्रशासनिक न्यायालयों में निर्णय संक्रमित होने लगे हैं। पूर्व में अधिवक्ता राजस्व परिषद के चेयरमैन तक से मिलने लखनऊ पहुंचे। इसके बाद डीएम व अधिवक्ताओं ने साथ बैठक कर कार्य वहिष्कार वापस लिया। अधिकारी और अधिवक्ताओं के बीच बिवाद तक हो चुके हैं लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। वादकारियों की न्याय मिलने में कयी तरह की दिक्कत पहले से ही हैं वहिष्कार से उन्हें कोई लाभ नजर नहीं आता। आला अफसरों का अधीनस्थों पर प्रभाव यातो कमजोर पड़ गया है या फिर वह सबकुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।


