डुमरिया मठ की भूमि विवाद पहुंचा अपर आयुक्त के दरबार, एसडीएम तमकुहीराज को जांच के निर्देश

कुशीनगर। धन दयाल पाण्डेय
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ग्राम डुमरिया मठ की भूमि से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मठ के महंत रूद्रानंद गिरी ने बुधवार को अपर आयुक्त गोरखपुर को ज्ञापन सौंपकर मठ की भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण के मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
आरआई रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई में देरी का आरोप
महंत रूद्रानंद गिरी का कहना है कि राजस्व निरीक्षक (आरआई) की रिपोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा मठ की भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक स्थल की भूमि पर संकट उत्पन्न हो गया है।
पुरातत्व विभाग से भी की गई है जांच की मांग
महंत ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि के नीचे भगवान श्री विष्णु एवं भगवान भोलेनाथ की प्राचीन प्रतिमाएं होने की संभावना है। इस संबंध में उन्होंने पुरातत्व विभाग से जांच कराने की मांग की है, जो फिलहाल लंबित बताई जा रही है।
कब्रिस्तान की बाउंड्री को लेकर उठाए सवाल
महंत का आरोप है कि खतौनी के अनुसार कब्रिस्तान का रकबा 48 डिसमिल दर्ज है, जबकि लगभग 104 डिसमिल भूमि पर बाउंड्री करा दी गई है। उन्होंने मांग की है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर कथित अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और मठ की भूमि को सुरक्षित कराया जाए।
अपर आयुक्त ने एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
महंत द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए अपर आयुक्त गोरखपुर अजय कुमार राय ने एसडीएम तमकुहीराज को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में स्थानीय प्रशासन की जांच और रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



