फायर सेफ्टी पर राहुल पाल का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान, नियम तोड़ने वालों की बढ़ीं मुश्किलें-22 कोचिंग संस्थानों का हुआ अग्निशमन निरीक्षण, 11 संस्थानों को जारी किए गए नोटिस

गाजियाबाद। लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा, गाजियाबाद द्वारा जनपदभर में कोचिंग सेंटरों, पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) तथा अन्य भीड़-भाड़ वाले भवनों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में स्थित संस्थानों का गहन निरीक्षण कर फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा तथा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कार्यक्षमता का बारीकी से परीक्षण किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के निर्देशन में जनपद के सभी प्रभारी अग्निशमन अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 22 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। निरीक्षण में 11 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए गए और निर्धारित समयावधि में सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। वहीं कुछ कोचिंग संस्थान निरीक्षण के समय बंद पाए गए, जिनकी भी अलग से रिपोर्ट तैयार की गई।
निरीक्षण के दौरान टीमों ने भवनों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, सीढिय़ों की स्थिति, विद्युत वायरिंग, अग्निशमन जल स्रोत तथा अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तार से जांच की। जिन भवनों में निकास मार्ग अवरुद्ध मिले या अग्निशमन उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, वहां संचालकों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित विभागों के समन्वय से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी प्रारंभ की गई। अभियान के दौरान भवन संचालकों एवं प्रबंधकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी भवन में आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा अवरोधमुक्त रहने चाहिए तथा सभी अग्निशमन उपकरण नियमित रूप से क्रियाशील स्थिति में होने चाहिए। इसके साथ ही विद्युत उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की सलाह दी गई। अग्निशमन विभाग की टीमों ने कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और उपस्थित आम नागरिकों को भी अग्नि दुर्घटना की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करें, लिफ्ट का प्रयोग न करें तथा तत्काल अग्निशमन एवं आपात सेवा को सूचना दें। इसके अलावा आग बुझाने वाले उपकरणों के प्राथमिक उपयोग की भी जानकारी दी गई, ताकि शुरुआती स्तर पर दुर्घटना को नियंत्रित किया जा सके। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कहा कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। इसलिए गाजियाबाद में सभी भीड़-भाड़ वाले भवनों, विशेषकर कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक परिसरों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्थान को सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राहुल पाल ने आगे कहा कि जिन संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर सभी कमियां दूर करनी होंगी। यदि दोबारा निरीक्षण के दौरान खामियां बरकरार मिलीं तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध अग्निशमन अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे जिस भी भवन या संस्थान में जाएं, वहां उपलब्ध आपातकालीन निकास मार्ग और अग्निशमन व्यवस्था की जानकारी अवश्य रखें तथा किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके तथा किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके। उनका कहना था कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनजागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना भी है।




