ग़ाज़ियाबाद

कंप्यूटर साइंस विभाग को मिली एनबीए मान्यता, एम.टेक कार्यक्रम भी शुरू; छात्राओं के लिए 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति की घोषणा

गाजियाबाद। युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोडऩे और उद्योगों की मांग के अनुरूप तकनीकी दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरकेजीआईटी) में गुरुवार को 21 दिवसीय समर कैंप का भव्य शुभारंभ किया गया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित इस तकनीकी प्रशिक्षण शिविर में उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लगभग 40 इंजीनियरिंग कॉलेजों के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। कैंप के दौरान प्रतिभागियों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट्स तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष एवं समर कैंप के संयोजक डॉ. अमित सिंघल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीकी क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए विद्यार्थियों को नई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने और पूरे समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. अमित सिंघल ने इस अवसर पर विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) की मान्यता प्राप्त हो गई है। साथ ही संस्थान में एम.टेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) का स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और बेहतर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई पहचान मिलेगी। संस्थान के निदेशक डॉ. बी.सी. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों में तकनीकी दक्ष युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाली सभी छात्राओं को पूरे चार वर्षों तक 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्य तकनीकी सत्र में नेटकैम्प सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शांतू पुरकैत ने विद्यार्थियों को नेटवर्किंग, वेब डेवलपमेंट, एथिकल हैकिंग तथा एंड्रॉयड एप्लीकेशन विकास के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि लाइव ट्रेनिंग, इंडस्ट्री आधारित प्रोजेक्ट्स और वास्तविक समस्याओं पर कार्य करने का अवसर भी मिलेगा। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे रोजगार की प्रतिस्पर्धा में अधिक सक्षम बन सकेंगे।
संस्थान के डीन डॉ. आर.के. यादव ने विद्यार्थियों से अनुशासन, समयबद्धता और निरंतर सीखने की भावना के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान तभी उपयोगी सिद्ध होता है जब उसे व्यवहारिक जीवन में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इस प्रशिक्षण शिविर के प्रत्येक सत्र को गंभीरता से लें और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक सीखने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के सफल संचालन में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार सागर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं संस्थान के वाइस चेयरमैन अक्षत गोयल, ग्रुप एडवाइजर डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. डी.के. चौहान, डीन स्टूडेंट वेलफेयर एच.जी. गर्ग तथा डॉ. रामेंद्र सिंह ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग को इस तकनीकी शिविर के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समर कैंप विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल, नवाचार की सोच और रोजगार क्षमता को नई दिशा देगा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि आगामी 21 दिनों तक विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागी विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और अपने कौशल को निखारने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

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