थाना बरसाना में आधी रात हाई-वोल्टेज ड्रामा, मंत्री प्रतिनिधि और पुलिस आमने-सामने

मथुरा/बरसाना। थाना बरसाना में शुक्रवार देर रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और मामला राजनीतिक तथा प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि थाना बरसाना क्षेत्र के गांव कमई में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत एक तालाब में रात्रि के समय जेसीबी मशीन से खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान तालाब से मिट्टी खनन की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सूरजपाल सहित दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाना बरसाना ले आई।
सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में से एक कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी का करीबी बताया जा रहा है। आरोप है कि नरदेव चौधरी ने फोन पर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार से दोनों व्यक्तियों को छोड़ने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताते हुए उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया।
इसके बाद देर रात नरदेव चौधरी कथित रूप से 30 से 40 समर्थकों के साथ थाना बरसाना पहुंच गए। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और नरदेव चौधरी के बीच तीखी बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया और थाने में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
चर्चा यह भी है कि विवाद के दौरान हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों को थाने से छुड़ाकर ले जाया गया। हालांकि इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं थाना प्रभारी अश्वनी कुमार का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह घटना कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप जैसे गंभीर सवाल खड़े कर सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



