ग़ाज़ियाबाद

जनता दर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, राजस्व, जीडीए, अधिकारियों को दिए पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

गाजियाबाद। जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। जनता दर्शन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने राजस्व, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क निर्माण, जल निकासी, सफाई व्यवस्था, सामाजिक कल्याण, पेंशन और भूमि विवाद सहित कई महत्वपूर्ण समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत के समाधान में लापरवाही, अनावश्यक विलंब या उदासीनता बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को त्वरित न्याय और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक मामले की प्रगति रिपोर्ट भी नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। जनता दर्शन के दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनका समाधान जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर तत्काल कराया। इससे उपस्थित फरियादियों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का माहौल दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता दर्शन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति आमजन के विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सभी अधिकारी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया जाए। निर्धारित समय तक नियमित रूप से जनसुनवाई संचालित हो और प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और हर स्तर पर जवाबदेह प्रशासन का अनुभव हो। जिलाधिकारी ने वर्चुअल जनसुनवाई व्यवस्था को भी मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित होने वाली ऑनलाइन जनसुनवाई में संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें, ताकि समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित शिकायतों को विशेष प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि कमजोर वर्गों को राहत मिले और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीमती ज्योति मौर्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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