ग़ाज़ियाबाद

जिलाधिकारी की नई पहल, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल बनेंगी स्वरोजगार का सहारा

गाजियाबाद। दिवजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल शुरू की है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के नेतृत्व में अब जनपद के दिव्यांगजनों को  ‘चलती-फिरती दुकानें’ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका चला सकेंगे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने बताया कि दिव्यांगजनों को रोजगार से जोडऩा और उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत यह नई योजना शुरू की जा रही है, ताकि दिव्यांगजन किसी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का रोजगार संचालित कर सकें। योजना के अंतर्गत csr फंड के माध्यम से विशेष प्रकार की मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी। इन ट्राईसाइकिलों को मजबूत लोहे के स्टैंड और आवश्यक ढांचे के साथ एक छोटी चलती-फिरती दुकान का स्वरूप दिया जाएगा। इससे दिव्यांगजन आसानी से विभिन्न स्थानों पर जाकर अपना व्यापार कर सकेंगे। इन मोबाइल दुकानों के जरिए दिव्यांगजन स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कॉपी-किताब, स्टेशनरी सामग्री, चिप्स, बिस्किट तथा दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल दिव्यांगजनों को स्थायी रोजगार मिलेगा, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी दिव्यांगजनों के हित में इसी प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल में नीवशक्ति संस्थान द्वारा भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है। संस्था दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस योजना से जुड़कर अपने जीवनयापन के लिए स्थायी रोजगार प्राप्त करें और समाज में सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नीवशक्ति संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button