60 फीसदी से कम साख-जमा अनुपात वाले बैंकों पर कसेगा शिकंजा, बनेगी बैंकवार रणनीति

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को जिलास्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति एवं बैंकिंग समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनपद के विभिन्न बैंकों की जून 2026 तक की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में विकास योजनाओं में बैंकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और साख-जमा अनुपात में सुधार को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम ने जून 2026 तक की बैंकिंग उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इसके बाद विभिन्न बैंकों की प्रगति की क्रमवार समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, फसल बीमा योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं में बैंकों की भूमिका और प्रगति पर भी चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी ने सभी बैंक जिला समन्वयकों को जनपद में साख-जमा अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का साख-जमा अनुपात 60 प्रतिशत से कम है, उनकी आगामी तिमाही में विशेष निगरानी की जाए। ऐसे बैंकों के लिए बैंकवार रणनीति तैयार कर साख-जमा अनुपात में सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक लोगों और विकास योजनाओं तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए बैंकों को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने विभिन्न बैंकों में लंबित पत्रावलियों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ रिषभ सक्सेना, नाबार्ड की डीडीएम कुमारी अलका, अग्रणी जिला प्रबंधक बुद्ध राम, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला समन्वयक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


