शत्रु संपत्ति हुई कब्जामुक्त; भूमाफियाओं पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार

गाजियाबाद। जनपद में भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुरादनगर क्षेत्र में स्थित शत्रु संपत्ति को कब्जामुक्त करा लिया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के नेतृत्व में राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया और लगभग 80 लाख रुपये मूल्य की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने बताया कि ग्राम कुशलिया, परगना डासना, तहसील सदर स्थित खसरा संख्या 1045 की भूमि शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज है। जांच के दौरान यह पाया गया कि इस भूमि पर आजाद उर्फ छोटे पुत्र फययाज द्वारा करीब तीन वर्षों से अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया गया था। मामले की विस्तृत जांच और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद सोमवार को प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक, सरकारी और गरीब नागरिकों की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जनपद में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेकर सरकारी अथवा गरीबों की जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस प्रकरण की जांच तहसीलदार सदर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। जांच के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने खसरा संख्या 1045 की पैमाइश कराई, जिसमें भूमि के क्षेत्रफल में अंतर पाया गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि समीपवर्ती मार्ग क्षेत्र का उपयोग आवागमन के लिए किया जा रहा था तथा भूमि के एक हिस्से पर पक्की दीवार बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया था। इसके बाद नायब तहसीलदार सदर उमेश त्यागी की अध्यक्षता में गठित समिति ने पूरे मामले का परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि का बाजार मूल्य लगभग 80 लाख रुपये आंका गया है। साथ ही अवैध कब्जाधारी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। संबंधित विभाग को प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।
रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल अवैध कब्जे हटाना नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकार दिलाना भी है। इसी उद्देश्य से ‘गरीब का गृह प्रवेश’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत पात्र परिवारों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कब्जामुक्त कराई जा रही जमीनों का उपयोग भी जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि भूमाफियाओं, अवैध कब्जाधारियों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जनपद में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। प्रशासन की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को आम नागरिकों ने सकारात्मक कदम बताते हुए स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि ऐसे अभियानों से न केवल सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी न्याय मिल सकेगा। मुरादनगर में हुई यह कार्रवाई जिला प्रशासन के उस संकल्प को मजबूत करती है, जिसमें जनहित, कानून व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।



