रोबोटिक फिजियोथेरेपी से दर्द को मात, मरीजों को मिल रही नई उम्मीद

वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। बदलती जीवनशैली और बढ़ते शारीरिक श्रम के कारण मांसपेशियों, नसों और जोड़ों के दर्द से हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए अब रोबोटिक फिजियोथेरेपी नई उम्मीद बनकर उभर रही है। जिला मुख्यालय के उसका रोड स्थित सिद्धार्थ फिजियोथेरेपी सेंटर में आधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिससे उन्हें दर्द से राहत मिलने के साथ शरीर की गतिविधियां भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।
सेंटर में उपचार करा रहे बी.पी. प्रसाद ने बताया कि दीवार से चोट लगने के बाद उनका हाथ लगभग काम करना बंद कर दिया था। लंबे समय तक सामान्य जीवन जीने की उम्मीद कम हो गई थी, लेकिन रोबोटिक फिजियोथेरेपी शुरू होने के बाद हाथ में धीरे-धीरे मूवमेंट आने लगा है। उनका कहना है कि उपचार से लगातार सुधार हो रहा है और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है। सिद्धार्थ फिजियोथेरेपी सेंटर के संचालक डॉ. सुभाष यादव ने बताया कि रोबोटिक मशीन हाथ और पैरों की एक्सरसाइज अत्यंत सटीक ढंग से कराती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी है, जो स्वयं अंगों को हिला-डुला नहीं पाते। उन्होंने बताया कि नियंत्रित और बार-बार होने वाली एक्सरसाइज से मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच समन्वय बेहतर होता है, जिससे मरीज तेजी से रिकवरी की ओर बढ़ते हैं। वर्तमान में सेंटर की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।



