ग़ाज़ियाबाद

तनिष्क शोरूम में तीन करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा, सेल्समैन निकला मास्टरमाइंड

गाजियाबाद। राजनगर (आरडीसी) स्थित प्रतिष्ठित तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों रुपये के आभूषणों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुरुआती जांच में जिस सेल्समैन पर शक जताया जा रहा था, वही इस सनसनीखेज वारदात का मुख्य आरोपी निकला। पुलिस ने आरोपी नितिन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से चोरी के कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं। मामले में उसके साथी चितरंजन उर्फ चिंटू समेत अन्य परिजनों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सोमवार को पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। जानकारी के अनुसार मोदीनगर के बेगमाबाद निवासी नितिन वर्मा ने लगभग दो महीने पहले ही तनिष्क शोरूम में सेल्समैन के रूप में नौकरी शुरू की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि नया कर्मचारी इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नितिन ने पहले से पूरी साजिश तैयार कर रखी थी और उसने अपने मित्र चितरंजन को भी इसमें शामिल कर लिया था। बताया जा रहा है कि वारदात से एक रात पहले शोरूम के कर्मचारियों की एक पार्टी हुई थी। इसी दौरान नितिन ने योजनाबद्ध तरीके से कैशियर गौतम राज को अधिक मात्रा में शराब पिलाई। मौका पाकर उसने गौतम के बैग से शोरूम की चाबी भी निकाल ली। इसके बाद वह गौतम को घर छोडऩे के बहाने शास्त्रीनगर तक लेकर गया, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। अगली सुबह करीब सवा सात बजे नितिन अपने साथी चितरंजन के साथ शोरूम पहुंचा। चाबी की मदद से दोनों ने शटर खोला और सीधे प्रथम तल पर पहुंच गए। वहां रखे कीमती आभूषणों को बैग में भरकर दोनों फरार हो गए। पुलिस के अनुसार चोरी किए गए गहनों की अनुमानित कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही थी, लेकिन जांच आगे बढऩे के साथ यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है। चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में नितिन की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं, जिसके बाद जांच का फोकस उसी पर केंद्रित हो गया। पुलिस जब उसके मोदीनगर स्थित घर पहुंची तो वहां उसके पिता, मां और बहन पहले ही फरार हो चुके थे। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी के परिजन मेरठ स्थित उसकी मौसी के घर गए हैं। पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन तब तक वे हरिद्वार के लिए निकल चुके थे। लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने आरोपी नितिन को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली और बताया कि कुछ गहने उसके पिता तथा साथी चितरंजन के पास हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार नितिन के कब्जे से बरामद गहनों की जांच की जा रही है। शोरूम प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची और कंपनी के सॉफ्टवेयर में दर्ज रिकॉर्ड से बरामद आभूषणों का मिलान कराया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बरामद सामान वही है जो शोरूम से चोरी हुआ था। पुलिस अब नितिन के पिता की भूमिका की भी जांच कर रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। इसके अलावा नितिन की मां, बहन और साथी चितरंजन की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। विभिन्न जिलों में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

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