मोदीनगर में अवैध कॉलोनी पर जीडीए का बुलडोजर, सड़कें और बाउंड्रीवाल ध्वस्त

गाजियाबाद। अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कार्रवाई सोमवार को भी जारी रही। प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने मोदीनगर क्षेत्र में करीब 17 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। टीम ने मौके पर बनाई गई आरसीसी सड़कें, बाउंड्रीवाल और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण को ध्वस्त कर दिया। जीडीए के अनुसार ग्राम रोरी में मंगल विहार कॉलोनी के पीछे खसरा संख्या 922, 923 और 924 की भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। यहां सड़कों के निर्माण के लिए मिट्टी भराई का कार्य कराया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रभारी प्रवर्तन जोन-2 के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध कॉलोनी में बनाई गई आरसीसी सड़कों और बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया। इसके अलावा प्लॉटिंग के लिए किए गए अन्य अनधिकृत निर्माण को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को तोड़ा गया। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक, बिना प्राधिकरण की अनुमति के विकसित की जा रही इस कॉलोनी में सड़क निर्माण के लिए मिट्टी भराई का काम चल रहा था। कार्रवाई के बाद मौके पर किए जा रहे अनधिकृत विकास कार्य को रोक दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों की ओर से विरोध किया गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद प्राधिकरण पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और विरोध कर रहे लोगों को नियंत्रित किया। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, प्रवर्तन जोन-2 का स्टाफ, प्राधिकरण पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ता मौजूद रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई कराई गई। जीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत कॉलोनियों और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार आगामी माह में भी अलग-अलग क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की ओर से अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने और प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की तैयारी है। जीडीए ने लोगों से भी अनधिकृत कॉलोनियों में जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संबंधित भूखंड और कॉलोनी की वैधता की जानकारी प्राप्त करने की अपील की है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


