दंत प्रत्यारोपण की आधुनिक तकनीकों से रूबरू हुए 50 से अधिक दंत चिकित्सक

गाजियाबाद। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों से चिकित्सकों को परिचित कराने के उद्देश्य से आईटीएस डेंटल कॉलेज में सोमवार को 11वें व्यापक मौखिक प्रत्यारोपण पाठ्यक्रम के पहले चरण का आयोजन किया गया। दक्षिण कोरिया के पुसान विश्वविद्यालय और सीडब्ल्यूएम इम्प्लांट्स के सहयोग से आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 से अधिक दंत चिकित्सकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित इस चार चरणों वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य दंत चिकित्सकों को दांतों के प्रत्यारोपण की नवीनतम चिकित्सकीय तकनीकों से अवगत कराना है। इसमें निजी दंत चिकित्सकों, संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों, चिकित्सकों, एमडीएस के विद्यार्थियों और अन्य महाविद्यालयों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध मौखिक प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. विजय सिंह मोरे ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने दांतों के प्रत्यारोपण की मूलभूत अवधारणाओं, उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं और आधुनिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्यारोपण तकनीक के माध्यम से टूटे या गायब दांतों के स्थान पर कृत्रिम दांत लगाए जा सकते हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिलती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्याख्यान के साथ व्यावहारिक गतिविधियां और जीवंत शल्य चिकित्सा प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं को करीब से समझने और उनका व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ चिकित्सकीय कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से दंत चिकित्सकों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और वे मरीजों को बेहतर एवं समग्र उपचार उपलब्ध कराने में सक्षम बनते हैं। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरपी चड्ढा और वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा का आभार व्यक्त किया।



