सौहार्द, शांति और अनुशासन के साथ मनाएं मोहर्रम, नई परंपरा शुरू करने की नहीं होगी अनुमति, स्वयंसेवकों की सूची पहले से प्रशासन को सौंपने की अपील

गाजियाबाद। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में पुलिस-प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ तथा अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजकरन नैय्यर ने की। बैठक में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों, ताजिया आयोजन समितियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मोहर्रम जुलूसों एवं करबला स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्त मार्ग और झूलते विद्युत तारों को व्यवस्थित कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम, विद्युत, लोक निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 20 जून, 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर ली जाएं, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि गाजियाबाद में सभी धार्मिक पर्व आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ मनाए जाते रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी मोहर्रम का आयोजन पूरी शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ संपन्न होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ताजियों की कुल ऊंचाई भूमि स्तर से 12 फीट से अधिक नहीं होगी तथा किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी आयोजन पूर्व से चली आ रही परंपराओं के अनुरूप ही संपन्न कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं ध्वनि विस्तारक यंत्र या डीजे का प्रयोग किया जाता है तो उसकी आवाज शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रखी जाए। आयोजकों से अपील की गई कि वे कार्यक्रम शुरू होने से पहले अपने स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की नामवार सूची और पूरा विवरण पुलिस एवं प्रशासन को उपलब्ध करा दें, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और भी प्रभावी ढंग से संचालित की जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने से पहले उसका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा पर्व के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक को संबोधित करते हुए अपर पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनपद में 87 ताजिए निकाले जाएंगे। इसके अतिरिक्त मन्नत के ताजिए भी विभिन्न स्थानों से निकल सकते हैं। उन्होंने सभी आयोजकों से निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि ताजियों की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं रखी जाए और बैठक में अनुपस्थित आयोजकों तक भी प्रशासन के निर्देश अवश्य पहुंचाए जाएं। उन्होंने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारी (एसीपी) अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर मोहर्रम मार्गों का निरीक्षण करेंगे तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी करेंगे। यदि आयोजन से संबंधित कोई भी समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। अपर पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ताजिया आयोजन समितियों के सदस्य तथा विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



