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सीबीएसई के दो दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों ने सीखी आलोचनात्मक एवं रचनात्मक चिंतन की नई तकनीकें

अनिल वशिष्ठ

मोदीनगर,(वेलकम इंडिया )। दिल्ली पब्लिक स्कूल, मोदीनगर में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘आलोचनात्मक एवं रचनात्मक चिंतन’ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. ज्योति सिरोही के मार्गदर्शन एवं हैडमास्टर अंकित गालयान के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न कक्षा-स्तरों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रशिक्षक अरुण गर्ग एवं श्रीमती प्रतीक्षा मिश्रा द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने अपने प्रभावी संप्रेषण कौशल, व्यावहारिक उदाहरणों एवं रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को आलोचनात्मक एवं रचनात्मक चिंतन की विभिन्न अवधारणाओं से परिचित कराया। दो दिवसीय कार्यशाला को गतिविधि-आधारित, संवादात्मक एवं अनुभवात्मक बनाया गया। शिक्षकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के स्थान पर विभिन्न समूह-गतिविधियों, चर्चाओं, तर्क-वितर्क, समस्या-समाधान अभ्यास एवं चिंतनपरक कार्यों के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान किए गए। प्रशिक्षण के दौरान निष्कर्ष निकालने की क्षमता, निगमनात्मक तर्क, आवश्यक पूर्वधारणाएँ, सूचना की विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता की जाँच, मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण, ज्ञान की गहराई, रचनात्मक चिंतन एवं समस्या-समाधान, फ्रेयर प्रतिरूप, दक्षता-आधारित मूल्यांकन सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। डॉ. विक्रम गांधी (सचिव डीएमईटी ) श्रीमति अनीशा गांधी (प्रो-वाइस चेयरपर्सन दिल्ली पब्लिक स्कूल) ने इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम की आधारशिला है। इस अवसर पर प्रधानाचार्या डॉ. ज्योति सिरोही ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप अपनी शिक्षण-पद्धतियों को समृद्ध करने का अवसर प्रदान करते हैं। हेडमास्टर श्री अंकित गालयान ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि तर्क, विश्लेषण, सृजनात्मकता एवं समस्या-समाधान जैसे कौशलों से भी समृद्ध करना आवश्यक है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं फलदायी रही। यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से शिक्षकों के व्यावसायिक विकास तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण अधिगम को नई दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

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