ग़ाज़ियाबाद

राजनगर एक्सटेंशन से ब्रेजा कार समेत दबोचा गया तस्कर, इंदिरापुरम के फ्लैट से मादक पदार्थों का जखीरा बरामद

गाजियाबाद। जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से न केवल विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए, बल्कि उसके इंदिरापुरम स्थित ठिकाने से नकदी, मोबाइल फोन, बैंक कार्ड और ड्रग्स की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी के पूरे गिरोह और उसके संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के अनुसार एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ब्रेजा कार से मादक पदार्थों की खेप लेकर राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने आसना चौक के पास घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन चालक की पहचान इटावा निवासी नितिन यादव के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान उसने कई अहम खुलासे किए।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इंदिरापुरम के शक्ति खंड स्थित उसके किराए के फ्लैट पर छापा मारा। तलाशी के दौरान फ्लैट से भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद हुए। इनमें उड़ीसा प्रजाति का 6.77 किलोग्राम गांजा, मैंगो प्रजाति का 2.40 किलोग्राम गांजा, ओजी प्रजाति का 66 ग्राम गांजा, 922 ग्राम गांजा चूरा, 132 ग्राम चरस तथा 20 ग्राम एमडीएमए (क्रिस्टल) शामिल है। पुलिस का मानना है कि इन मादक पदार्थों की आपूर्ति दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर की जाती थी। छापेमारी के दौरान पुलिस को फ्लैट से पांच लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड भी मिले। इसके अलावा मादक पदार्थों की तौल और पैकिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले चार इलेक्ट्रॉनिक कांटे, प्लास्टिक फिल्म सील करने की मशीन, स्टेपलर, कैंची और अन्य पैकिंग सामग्री भी बरामद हुई। इन उपकरणों से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि आरोपी संगठित तरीके से मादक पदार्थों की पैकिंग कर उनकी आपूर्ति करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम रिसोर्ट सोसायटी में किराए के फ्लैट में रहता था, जबकि इंदिरापुरम के शक्ति खंड में लिया गया दूसरा फ्लैट विशेष रूप से मादक पदार्थों के भंडारण, पैकिंग और वितरण के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और उसने अपने नेटवर्क को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए अलग-अलग स्थानों का उपयोग किया। सहायक पुलिस आयुक्त जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि आरोपी के खिलाफ नंदग्राम थाने में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह मादक पदार्थ कहां से लाता था और किन-किन लोगों तक इसकी आपूर्ति करता था। पुलिस उसके मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों से तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से तो नहीं है। इसके लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और संगठित तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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