मथुरा में नकली पेड़ा और मिल्क केक लाखों रुपए का किया नष्ट, कथित नेटवर्क पर उठे सवाल, मास्टरमाइंड तक कार्रवाई होगी कब
मथुरा जनपद में नकली पेड़ा एवं मिल्क केक के कथित कारोबार को लेकर एक बार फिर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई वर्षों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नकली पेड़ा और मिल्क केक की सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसको मथुरा जिले में चलाने बाला दिनेश गर्ग हे लेकिन कथित सरगना तक खाद्य 3औषधि जांच एजेंसियां नहीं पहुंच सकी हैं।आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े दर्जनों सप्लायर मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना तथा अन्य तहसील क्षेत्रों में लंबे समय से मिठाइयों की सप्लाई कर रहे हैं। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार छापेमारी और नमूना संग्रह की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन कथित मास्टरमाइंड के विरुद्ध अब तक कोई सार्वजनिक कार्रवाई सामने नहीं आई है।बताया जा रहा है कि 3 अगस्त को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वृंदावन
से बिष्णु अग्रवाल, शिशुपाल उर्फ सतपाल ओर बलदेव सहित विभिन्न क्षेत्रों से पेड़ा एवं मिल्क केक के कुल 9 नमूने जांच के लिए एकत्र किए थे स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन प्रतिष्ठानों तक मिठाई की सप्लाई एक ही नेटवर्क दिनेश गर्ग के माध्यम से होती रही है।
इस पूरे मामले को लेकर लोगों का कहना है कि यदि जिले में नकली मिठाइयों का संगठित नेटवर्क का दिनेश गर्ग सक्रिय है, तो केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। जांच एजेंसियों को पूरे सप्लाई चेन की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना चाहिए।
जनता की मांग है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित टीम पूरे नेटवर्क की पारदर्शी जांच करे और यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता जांच में प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बताया जा रहा हे इस प्रकार के खाद्य औषधि से संबंधित मिठाई बिक्री करने वाले दिनेश गर्ग ने मथुरा जिले एवं बृंदावन में करोड़ों की संपति अर्जित की है।



