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बारिश और बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई आफत, शारदा पार गांवों में बाढ़ का खतर

जनप्रतिनिधि और अफसर अंजान, चंदे से कराया लाखों का बचाव कार्य पानी में डूबा
हजारा-शास्त्रीनगर जलमग्न, राहुल नगर की मजदूर बस्ती में घरों तक पहुंचा पानी
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पूरनपुर/पीलीभीत। लगातार हो रही बारिश ने पूरनपुर तहसील क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और शारदा पार के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हजारा और शास्त्रीनगर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर राहुल नगर की मजदूर बस्ती में बारिश का पानी दर्जनों घरों में घुस गया है। चंदिया हजारा में बाढ़ बचाव कार्य न होने और लगातार हो रहे कटान से ग्रामीण गांव के अस्तित्व को लेकर चिंतित हैं।शारदा पार क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। हजारा और शास्त्रीनगर में पानी भरने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए भी पानी से भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ा तो आसपास के अन्य गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। चंदिया हजारा में इस बार बाढ़ और कटान से बचाव के लिए कोई ठोस कार्य न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के समाजसेवी प्रणवीर सरकार ने बताया कि बाढ़ बचाव कार्य की मांग को लेकर 100 दिन से अधिक समय तक भूख हड़ताल किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया है।उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 15 लाख रुपये का चंदा एकत्र कर जियो ट्यूब लगवाई थी। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान जियो ट्यूब के बीच परकोपाइन लगाने की बात कही गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अब पानी बढ़ने के साथ जियो ट्यूब पूरी तरह पानी में डूब गई हैं।प्रणवीर सरकार का कहना है कि लगातार कटान के कारण शारदा नदी राहुल नगर से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर रह गई है। यदि शीघ्र ही परियोजना तैयार कर प्रभावी बाढ़ बचाव और कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया तो गांव के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने पर क्षेत्र में गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।उधर पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव राहुल नगर स्थित मजदूर बस्ती में जलभराव से हालात गंभीर बने हुए हैं। लगातार बारिश के कारण बस्ती की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गई हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी दर्जनों घरों में घुस गया है।ग्रामीणों के अनुसार आक्रोश, भारती, सियाराम, रामचंद्र, सुरेश, चंद्रभान, बालेसर और सुखलाल समेत कई परिवारों के घरों में पानी भर गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने रहने, सोने और खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। घरेलू सामान खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।जलभराव से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। वहीं पशुपालकों के सामने भी पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और चारे की व्यवस्था करने की चुनौती बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि मजदूर बस्ती में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते हर बारिश में लोगों को इसी समस्या से जूझना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा पार क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। एक ओर बाढ़ का पानी गांवों और रास्तों तक पहुंच रहा है, तो दूसरी ओर कटान गांवों को निगलने की ओर बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और बाढ़ खंड से समय रहते प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े संकट से पहले ग्रामीणों को राहत मिल सके।
बीमारी फैलने का भी बढ़ा खतरा
बस्तीवासियों का कहना है कि यदि जल्द जलभराव की समस्या दूर नहीं की गई तो जमा गंदे पानी से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने नालियों की सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।



