‘फ्यूजन-2026’ में नए विद्यार्थियों को मिला सफलता का मंत्र, 30वें बैच का सप्ताहभर चला अभिमुखीकरण कार्यक्रम संपन्न

गाजियाबाद। आईटीएस मोहन नगर में नवप्रवेशित एमबीए के 23वें और एमसीए के 30वें बैच के विद्यार्थियों के लिए आयोजित सप्ताहभर के अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘फ्यूजन-2026’ का शनिवार को प्रेरणादायी समापन हुआ। 17 से 22 अगस्त तक चले कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति से परिचित कराने के साथ उन्हें उद्योग जगत की बदलती जरूरतों, नई तकनीकों, रोजगार के अवसरों और भविष्य की कार्यक्षेत्र संबंधी चुनौतियों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योग विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्यमियों और शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, एनआईआईटी टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक एवं पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद ठाकुर, रियर एडमिरल (डॉ.) सनातन कुलश्रेष्ठ, आईआईआईटी भोपाल के निदेशक प्रो. आशुतोष सिंह, मूवर्स इंटरनेशनल ग्रुप के मुख्य डिजिटल अधिकारी डॉ. एचएस बंगा, एमहेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मुंजाल, लोकल एआई वेंचर्स के संस्थापक एवं मुख्य तकनीकी एवं नवाचार अधिकारी अरुण कुमार सहित कई विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, डिजिटल बदलाव, कारोबारी समझ, उद्यमिता, नवाचार, उद्योग 4.0, नेतृत्व, करियर नियोजन और भविष्य के कौशल जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी और कारोबारी माहौल में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को लगातार सीखने की आदत, तकनीकी दक्षता, कारोबारी समझ, रचनात्मक सोच और बेहतर संवाद कौशल विकसित करना होगा। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भयभीत होने के बजाय इसे उत्पादकता, रचनात्मकता और निर्णय क्षमता बढ़ाने के साधन के रूप में अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी, शिक्षक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सप्ताहभर चले कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों के साथ हुए संवाद को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि भविष्य की सफलता के लिए ज्ञान और कौशल के साथ तकनीक, मानवीय मूल्यों, नवाचार और निरंतर सीखने की क्षमता को साथ लेकर चलना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंतिम दिन एमबीए और एमसीए के सफल पूर्व विद्यार्थियों के साथ विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न राष्ट्रीय और वैश्विक संस्थानों में कार्यरत आईटीएस के पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें मनीष शर्मा, आतिर हसनैन, वरुण अरोड़ा, मयंक गोयल, नितिन प्रकाश सिंह, हरीश श्रीवास्तव, शिक्षा रावत, नेहा भड़ाना, हरीश पांडेय, स्पर्श सिंघल और पुनीत पाल शामिल रहे। पूर्व छात्रों ने अपने शुरुआती करियर की चुनौतियों, कार्यस्थल की अपेक्षाओं, रोजगार के बदलते स्वरूप और निरंतर कौशल विकास की जरूरत के बारे में विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि संस्थान में बिताए दो वर्षों का बेहतर उपयोग विद्यार्थियों के भविष्य के करियर की मजबूत नींव तैयार कर सकता है। विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञता, तकनीकी दक्षता, संवाद कौशल, टीम भावना, समस्या समाधान क्षमता, अनुकूलनशीलता और पेशेवर दृष्टिकोण का संतुलित विकास करने की सलाह दी गई। ‘फ्यूजन-2026’ के दौरान एमबीए और एमसीए विद्यार्थियों के लिए उद्योग विशेषज्ञों की ओर से विशेष व्यावहारिक कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों को वास्तविक कारोबारी और तकनीकी परिस्थितियों, उपकरणों, अनुप्रयोगों तथा समस्या समाधान की प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया। साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं, अध्ययन पद्धतियों की जानकारी, मामले आधारित चर्चा, समूह विश्लेषण, परिचयात्मक गतिविधियों, क्लब गतिविधियों और उद्यमिता जागरूकता सत्रों ने कार्यक्रम को और उपयोगी बनाया। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील पांडेय ने कहा कि ‘फ्यूजन-2026Ó केवल औपचारिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को उनकी आगामी शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा के लिए स्पष्ट दिशा देने का प्रयास था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम डॉ. आरपी चड्ढा तथा आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।




