बुजुर्गों की सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं, हर शिकायत पर हो त्वरित कार्रवाई; पुलिस आयुक्त ने कसे अधीनस्थों के पेंच

गाजियाबाद। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। बुजुर्गों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत के समय उन्हें तत्काल पुलिस सहायता मिल सके, इसके लिए पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बुधवार को वरिष्ठ नागरिक सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आयोजित गोष्ठी में उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने, उनसे नियमित संवाद बनाए रखने और शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें। गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को समझने के लिए उनसे नियमित संपर्क बनाए रखना बेहद जरूरी है। कई बार बुजुर्ग अपनी परेशानियां खुलकर सामने नहीं रख पाते या उन्हें सहायता लेने में कठिनाई होती है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे उनसे संवाद स्थापित करें, उनकी जरूरतों को समझें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिक सेल के अधिकारी बुजुर्गों से निरंतर संपर्क में रहें। उनकी परिस्थितियों और समस्याओं की जानकारी लेकर जरूरत के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करें। नियमित संवाद से न केवल उनकी परेशानियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, बल्कि किसी आपात स्थिति में भी पुलिस को तुरंत कदम उठाने में मदद मिलेगी। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अपनाने की हिदायत दी। गोष्ठी में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था, उनकी शिकायतों की स्थिति और समस्याओं के प्रभावी समाधान को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखते हुए उनकी जरूरतों के अनुरूप कार्रवाई करें। पुलिस और वरिष्ठ नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने से समस्याओं की समय पर पहचान और समाधान में मदद मिलेगी। बैठक में एडिशनल पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध, डीसीपी मुख्यालय, एडीसीपी प्रोटोकॉल, एसीपी महिला अपराध, वरिष्ठ नागरिक सेल के प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त के निर्देशों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उनकी शिकायतों के प्रति पुलिस की जवाबदेही मजबूत करना और जरूरत के समय उन्हें भरोसेमंद सहायता सुनिश्चित करना है।
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों की ओर से मिलने वाली शिकायतों को सामान्य शिकायत समझकर नजरअंदाज न किया जाए। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध होने के साथ गुणवत्तापूर्ण भी होना चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शिकायत मिलने के बाद उसकी प्रकृति को समझें और नियमानुसार कार्रवाई करें। बुजुर्गों को उनकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिल सके कि पुलिस उनकी समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी से बचा जाए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना और उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसा व्यवहार करना चाहिए, जिससे बुजुर्ग बिना किसी झिझक के अपनी समस्या बता सकें और जरूरत पडऩे पर पुलिस की मदद ले सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यकता पडऩे पर वरिष्ठ नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उनकी परेशानियों को समझते हुए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि वे अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त रहें। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ नागरिक सेल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम किया जाना चाहिए।


