ग़ाज़ियाबाद

नवरात्रि में शुरू होगा हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर का काम 

गाजियाबाद। शहर के सबसे बड़े जाम प्वाइंट में शामिल हापुड़ चुंगी पर जल्द ही यातायात की तस्वीर बदलने वाली है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने हापुड़ चुंगी फ्लाईओवर के निर्माण के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है। अब एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर वर्कऑर्डर जारी करने की तैयारी है। इसके बाद नवरात्रि के दौरान फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। करीब 1.2 किलोमीटर लंबे चार लेन के इस फ्लाईओवर पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण पूरा होने के बाद हापुड़ चुंगी और आसपास के मार्गों पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जीडीए की योजना के अनुसार फ्लाईओवर संजयनगर सेक्टर-23 स्थित एएलटी सेंटर से शुरू होकर हापुड़ चुंगी होते हुए कविनगर थाने के आगे शास्त्रीनगर चौराहे तक बनाया जाएगा। इस मार्ग का सीधा जुड़ाव एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले यातायात से है। सुबह और शाम के समय वाहनों का दबाव बढऩे के कारण हापुड़ चुंगी पर लंबा जाम लग जाता है। फ्लाईओवर निर्माण की परियोजना को शासन से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक वर्कऑर्डर जारी होने के बाद एजेंसी साइट पर काम शुरू करेगी। नवरात्रि में निर्माण शुरू करने की तैयारी है और करीब एक साल में फ्लाईओवर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना की लागत क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से वहन की जाएगी। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक परियोजना से पहले कराए गए यातायात सर्वे में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक पाया गया था। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही एएलटी सेंटर से शास्त्रीनगर तक फ्लाईओवर बनाने का निर्णय आगे बढ़ाया गया। यह मार्ग गाजियाबाद के विभिन्न हिस्सों के साथ राजनगर एक्सटेंशन के लोगों के लिए भी एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। हापुड़ चुंगी पर अलग-अलग दिशाओं से वाहनों का दबाव आने के कारण सुबह और शाम जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है। हापुड़ रोड की डासना, गोविंदपुरम और पुलिस लाइन समेत कई योजनाओं से आने वाले वाहन पुराने बस अड्डे की ओर जाते हैं। वहीं कलेक्ट्रेट की तरफ से आने वाला यातायात भी इसी चौराहे से गुजरता है। एएलटी सेंटर और कविनगर थाने की ओर से आने-जाने वाले वाहनों के कारण दबाव और बढ़ जाता है। अधिकारियों के मुताबिक कलेक्ट्रेट से हापुड़ चुंगी होते हुए सीबीआई एकेडमी तक फ्लाईओवर बनाने के विकल्प पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन यातायात की जरूरत और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एएलटी सेंटर से शास्त्रीनगर तक फ्लाईओवर को प्राथमिकता दी गई। जीडीए का कहना है कि फ्लाईओवर तैयार होने के बाद हापुड़ चुंगी पर वाहनों का दबाव कम होगा और एनएच-9 व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आवागमन भी सुगम होगा।

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