डूब क्षेत्र में अवैध साम्राज्य पर चला जीडीए का बुलडोजर, 20 हजार वर्गमीटर जमीन कराई कब्जामुक्त

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए गुरुवार को प्रवर्तन जोन-04 क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में जीडीए की प्रवर्तन टीम ने सिद्धार्थ विहार के डूब क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी और प्लॉटिंग के खिलाफ बुलडोजर चलाया। करीब 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करते हुए प्राधिकरण ने साफ संदेश दिया कि डूब क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रवर्तन जोन-04 के प्रभारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान सिद्धार्थ विहार डूब क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माणों को निशाना बनाया गया। जीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को चिह्नित किया और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। देखते ही देखते जेसीबी मशीनों ने अवैध निर्माणों को जमींदोज करना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान हिंडन नदी के आसपास डूब क्षेत्र में की गई अवैध प्लॉटिंग, बनाई गई बाउंड्रीवाल, अवैध बिल्डर ऑफिस और छोटे-बड़े अनधिकृत भवनों को भी ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को डूब क्षेत्र में अनधिकृत तरीके से जमीन विकसित कर लोगों को प्लॉट बेचने और निर्माण कराने वालों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक डूब क्षेत्र में बिना अनुमति और निर्धारित नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से लगातार निगरानी करते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सिद्धार्थ विहार डूब क्षेत्र में गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान करीब 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान हिंडन नदी के समीप डूब क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया। अवैध तरीके से भूखंडों को विकसित करने के लिए बनाई गई बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माणों को मशीनों की मदद से तोड़ दिया गया। जीडीए की कार्रवाई केवल प्लॉटिंग तक सीमित नहीं रही। मौके पर बनाए गए अवैध बिल्डर कार्यालय और छोटे-छोटे अनधिकृत भवनों को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने यह भी सुनिश्चित किया कि अवैध निर्माण दोबारा खड़ा न किया जा सके। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों को स्पष्ट किया कि डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण नियमों के खिलाफ है और ऐसे निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि डूब क्षेत्र में होने वाले अनधिकृत निर्माण को लेकर प्राधिकरण पहले से ही सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसे इलाकों में अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से जमीन बेचने और निर्माण कराने की शिकायतों पर प्रवर्तन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा रही। प्रवर्तन जोन-04 की टीम ने सिद्धार्थ विहार डूब क्षेत्र में कार्रवाई के साथ-साथ बुद्ध विहार क्षेत्र में भी अनधिकृत कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की। भवन संख्या बी-140, धम्म विजय, बुद्ध विहार, सेक्टर-12, प्रताप विहार, गाजियाबाद में अनधिकृत रूप से निवास कर रहे श्री अनिरुद्ध से भवन को कब्जा मुक्त कराया गया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को अपने कब्जे में लेते हुए अनधिकृत रूप से किए गए निवास को समाप्त कराया। इस कार्रवाई के जरिए जीडीए ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की संपत्तियों और भवनों पर अनधिकृत कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध निर्माण के साथ-साथ अनधिकृत कब्जों के खिलाफ भी प्रवर्तन विभाग की कार्रवाई आगे जारी रहेगी। इस कार्रवाई से उन लोगों में भी हलचल बढ़ गई है, जो प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी कर भवनों और जमीनों पर अनधिकृत कब्जा जमाए हुए हैं। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण और कब्जों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर मौजूद कॉलोनाइजर और निर्माणकर्ताओं की ओर से भारी विरोध भी प्रकट किया गया। कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन जीडीए की टीम पहले से ही पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थी। प्राधिकरण पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया और विरोध के बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लगातार जारी रखा। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन जोन-04 के प्रभारी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता और प्रवर्तन जोन-04 का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। इसके अलावा प्राधिकरण पुलिस बल तथा प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कार्रवाई के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और जीडीए की टीम ने निर्धारित कार्रवाई पूरी की। जीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले माह में भी चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस सख्ती से अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों और बिना अनुमति निर्माण करने वालों पर दबाव बढऩा तय माना जा रहा है। जीडीए की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजन व्यवस्था को मजबूत करना और डूब क्षेत्र समेत प्रतिबंधित क्षेत्रों में होने वाले अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी रोक लगाना है। प्राधिकरण की ओर से आने वाले दिनों में भी ऐसे निर्माणों की निगरानी और उनके खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी रहने की उम्मीद है।




