डीपीएस मोदीनगर में हुआ शक्ति-युक्तराम’ में साकार हुआ मर्यादा और परम शक्ति का दिव्य संगम

कक्षा तृतीय के नन्हे कलाकारों ने भव्य ‘बाल रामायण’ एवं रावण दहन से मोहा सभी का मन
अनिल वशिष्ठ
मोदीनगर,(वेलकम इंडिया )। दिल्ली पब्लिक स्कूल, मोदीनगर में ‘शक्ति-युक्तराम : मर्यादा और परम शक्ति का दिव्य संगम’ विषय पर एक भव्य एवं भावपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. विक्रम गांधी, (सचिव डीएमईटी ) श्रीमति अनिशा गांधी प्रो-वाइस चेयरपर्सन दिल्ली पब्लिक स्कूल एवं उनकी माता जी श्रीमति दीपा मलिक तथा कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘बाल रामायण’ रहा। नन्हे कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, संवाद, भाव-भंगिमाओं एवं सजीव मंचन के माध्यम से रामायण के विभिन्न काण्डों एवं प्रमुख प्रसंगों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में नवदुर्गा के महत्त्व को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। देवी के विभिन्न स्वरूपों की प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने नारी शक्ति, साहस, भक्ति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भव्य रावण दहन रहा। रावण दहन के माध्यम से विद्यार्थियों ने अहंकार, असत्य, अधर्म एवं बुराइयों के अंत तथा सत्य, धर्म और सदाचार की विजय का प्रभावशाली संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. विक्रम गांधी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति एवं गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। श्रीमति अनीशा गांधी ने नन्हे कलाकारों के आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट मंचन की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्य बच्चों के व्यक्तित्व को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। प्रधानाचार्या डॉ. ज्योति सिरोही ने विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। विद्यार्थियों की अनुशासित, आत्मविश्वासपूर्ण एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हेडमास्टर अंकित गलयान ने अपने धन्यवाद ज्ञापन कहा कि इस भव्य आयोजन की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह, समर्पण एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना करते हुए सभी सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन मर्यादा, शक्ति, संस्कार और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में हुआ। ‘शक्ति-युक्तराम’ की यह भव्य प्रस्तुति न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि सभी के लिए धर्म, सत्य, मर्यादा, नारी शक्ति एवं सदाचार का प्रेरणादायी संदेश भी छोड़ गई।



