शहर-राज्य

मिशन शक्ति फेज 6.0 अभियान के तहत कुड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मन्दिर खलीलाबाद की कक्षा 12वीं की छात्रा महिमा पाण्डेय बनीं 01 दिन की थाना प्रभारी

बेटियां केवल सपने देखने वाली नहीं, बल्कि सपनों को नेतृत्व और साहस के साथ साकार करने वाली शक्ति हैं।

संतकबीरनगर। 

उत्तर प्रदेश शासन की महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक  संदीप कुमार मीना के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे द्वारा बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की भावना विकसित करने के उद्देश्य से एक विशेष एवं प्रेरणादायक पहल की गई । इस अवसर पर कुड़ी लाल रुंगटा सरस्वती विद्या मन्दिर खलीलाबाद की कक्षा 12वीं की छात्रा महिमा पाण्डेय को 01 दिन के लिए थाना प्रभारी कोतवाली खलीलाबाद की भूमिका निभाने का अवसर प्रदान किया गया । थाना प्रभारी की भूमिका में महिमा पाण्डेय ने पूरे आत्मविश्वास के साथ थाना परिसर का भ्रमण किया तथा पुलिस कार्यप्रणाली को समझा । उन्होंने थाना कार्यालय, जनसुनवाई कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनके दायित्वों की जानकारी प्राप्त की ।

इसके उपरांत महिमा पाण्डेय ने थाने पर आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित पुलिसकर्मियों को समस्याओं के नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।

इस दौरान उनके चेहरे पर आत्मविश्वास, आंखों में बड़े सपने और मन में समाज के प्रति कुछ बेहतर करने का संकल्प स्पष्ट दिखाई दिया ।

थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस का यह प्रयास केवल एक दिन के लिए थाना प्रभारी की कुर्सी सौंपने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बेटियों को यह एहसास कराना है कि—*

*“आज की बेटी केवल सुरक्षा की हकदार नहीं, कल के नेतृत्व की ताकत भी है।”*

मिशन शक्ति फेज 6.0 अभियान के माध्यम से पुलिस द्वारा बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, साइबर अपराध से बचाव, हेल्पलाइन एवं आत्मनिर्भरता के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है ।

महिमा पाण्डेय का यह अनुभव निश्चित रूप से उनके जीवन की एक यादगार स्मृति बनेगा और अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा ।

थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस का संकल्प है कि हर बेटी सुरक्षित हो, हर बेटी सशक्त हो और हर बेटी अपने सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े ।

*“बेटी को अवसर दीजिए,

वह केवल अपना भविष्य नहीं—पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है ।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button