डीएम के आदेश पर भी नहीं पहुंची जांच टीम, इंतजार करते रहे ग्रामीण

रसूलपुर में प्रधान के अधिकारों के कथित इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर होनी थी जांच।
वेलकम इण्डिया
इटवा/सिद्धार्थनगर। इटवा विकासखंड की ग्राम पंचायत रसूलपुर में ग्राम प्रधान के अधिकारों के कथित इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं की जांच निर्धारित तिथि पर नहीं हो सकी। शिकायतकर्ता रामवृक्ष गुप्ता के अनुसार, छह अक्टूबर को ग्रामीण जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन जांच टीम और संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। रामवृक्ष गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी को शपथपत्र के साथ प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में कहा गया है कि पंचायत अभिलेखों में निवास का नाम ग्राम प्रधान के रूप में दर्ज है, जबकि महेश मिश्रा पर विभिन्न कार्यों में स्वयं को प्रधान के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पंचायत से जुड़े विभागीय कार्यों में महेश मिश्रा के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा है। वित्तीय लेनदेन के ओटीपी भी इसी नंबर पर आने की बात कही गई है। पंचायत बैठकों, सोशल ऑडिट और सार्वजनिक कार्यक्रमों में निर्वाचित प्रधान के स्थान पर महेश मिश्रा की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए गए हैं।शिकायत में कथित मिलीभगत से लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पंचायत निधि से हुए भुगतान और विकास कार्यों की जांच की मांग की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपायुक्त श्रम एवं रोजगार की ओर से छह अक्टूबर को सुबह 11 बजे जांच निर्धारित की गई थी। इसकी सूचना जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी इटवा, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान समेत संबंधित अधिकारियों को दी गई थी।निर्धारित तिथि पर जांच नहीं होने से शिकायतकर्ता ने नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और अगली तिथि घोषित करने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



