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झूठे मुकदमों, धमकियों और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, पत्रकारों का फूटा आक्रोश

-फर्जी मुकदमों, उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ डीएम-एसएसपी को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन

मथुरा। जनपद में पत्रकारों के कथित उत्पीड़न, बिना पर्याप्त जांच के मुकदमे दर्ज किए जाने, पुलिस-प्रशासन के असहयोगपूर्ण रवैये और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव के विरोध में सोमवार को जिले के पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और पत्रकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच व न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग उठाई।

पत्रकारों ने कहा कि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले पत्रकारों को लगातार दबाव, धमकियों और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में पत्रकार रवि बघेल, शुभम चौधरी, आलोक तिवारी, लोकेश गर्ग, वृंदावन के पत्रकारों को मिली कथित धमकियों तथा अड़ींग निवासी पत्रकार दिलीप यादव की भूमि विवाद संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई होती है, जबकि पत्रकारों की शिकायतों को अपेक्षित गंभीरता नहीं मिलती।

प्रतिनिधिमंडल ने थानों और चौकियों में पत्रकारों के साथ होने वाले अभद्र व्यवहार, समाचार संकलन के दौरान सहयोग न मिलने, अधिकारियों द्वारा तथ्यात्मक जानकारी देने से बचने तथा सीयूजी नंबर तक न उठाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। पत्रकारों ने कहा कि इससे पारदर्शिता प्रभावित होती है और समाचारों में प्रशासन का पक्ष शामिल करना कठिन हो जाता है।

पत्रकारों ने मांग की कि पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच हो, पत्रकार सुरक्षा एवं संवाद समिति का गठन किया जाए तथा कवरेज के दौरान मोबाइल छीनने, कैमरा तोड़ने या कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी घटनाओं में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने पत्रकारों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों की जांच एडीएम वित्त एवं एसपी सिटी को सौंपने की बात कही। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी पत्रकारों से विस्तार से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे व्यापक रणनीति बनाई जाएगी।

इस दौरान मदन गोपाल शर्मा, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, राकेश शर्मा, मफतलाल अग्रवाल, अनिल सारस्वत, सुशील गोस्वामी,प्रवेश चतुर्वेदी, सुरेश सैनी, मातुल शर्मा,मुकेश कुशवाहा,दिलीप यादव, धाराजीत सारस्वत,गिरधर पचौरी, अमित भार्गव, गजेंद्र चौधरी, दलबीर  सिंह, मोहित चतुर्वेदी, रवि बघेल,मनीष चौधरी,शुभम चौधरी,निर्मल राजपूत, बी एल पाण्डेय,अरुण, मनोज,लोकेश गर्ग, विवेक चतुर्वेदी,नेत्रपाल, राहुल कुमार, रिंकू वर्मा, प्रतीक चतुर्वेदी आदि सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहें।

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