शहर-राज्य

जिला आपदा प्रबंधन योजना को प्रभावी बनाने की तैयारी, विभागों की तय होंगी जिम्मेदारियां

बाढ़, आग, तूफान, वज्रपात और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार होगी व्यापक कार्ययोजना

वेलकम इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत।जनपद में बाढ़, आग, तूफान, वज्रपात और अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से होने वाली जन-धन की हानि को कम करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में नगर मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें आपदा से निपटने की तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों और विभागों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि जनपद की स्थानीय परिस्थितियों और संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं अद्यतन आपदा प्रबंधन योजना तैयार करना आवश्यक है। पीलीभीत बाढ़, आग, तूफान, वज्रपात, सड़क दुर्घटना, मानव-वन्यजीव संघर्ष, सर्पदंश और डूबने जैसी घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील है। ऐसे में आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।इस दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड पूरनपुर ने जनपद में बाढ़ की जोखिम संवेदनशीलता और संभावित परिस्थितियों की जानकारी दी। वहीं राज्य स्तर से प्राधिकृत टैरुटियम ग्लोबल कंसल्टिंग एजेंसी के टीम लीडर एवं डीआरआर विशेषज्ञ शैलेश कुमार ने आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने संबंधित विभागों से उपलब्ध मानव संसाधन, उपकरण, राहत सामग्री, आपातकालीन संपर्क नंबर और कार्ययोजना से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की।बैठक में आपदा से पहले की तैयारियों, आपदा के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य और आपदा के बाद पुनर्वास की व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसके साथ ही संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन, जनजागरूकता अभियान, मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से आपात स्थिति में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की अपेक्षा की गई।
बैठक में उपजिलाधिकारी अनुराग पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भुवनचंद्र पंत, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी, अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार, मुख्य राजस्व लेखाकार छेदा लाल, आपदा विशेषज्ञ भगवती प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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