केशव धाम में निःशुल्क नेत्र जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजित किया गया

-केशव धाम, वृन्दावन एवं कल्याण करोति नेत्र संस्थान मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
मथुरा/वृन्दावन। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जन्मदिवस के अवसर पर केशव धाम, वृन्दावन एवं कल्याण करोति नेत्र संस्थान, गोवर्धन रोड, मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में 25 सितम्बर 2026 को पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय अध्ययन केंद्र, केशव धाम में निःशुल्क नेत्र जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के सह-संयोजक श्री गणेश दत्त शर्मा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीनदयाल जी का चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सेवा का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित था। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, सादगी, राष्ट्रसेवा और अंत्योदय के विचारों को विस्तार से बताया।
इस अवसर पर आदरणीय संत सत्यमित्रानंद जी महाराज ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन से जुड़ी एक प्रेरक कथा सुनाते हुए कहा कि दीनदयाल जी का जीवन सादगी और सेवा का उदाहरण था। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि एक बार दीनदयाल जी को यात्रा के दौरान एक साधारण व्यक्ति की कठिनाई दिखाई दी। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के उसकी सहायता की। जब उनसे पूछा गया कि वे स्वयं इतनी परेशानी में रहते हुए दूसरों की चिंता क्यों करते हैं, तो उन्होंने भाव व्यक्त किया कि समाज का कोई व्यक्ति दुखी हो और हम उसे अपना मानकर सहायता न करें, तो हमारी सेवा और संवेदना अधूरी है। महाराज जी ने कहा कि यही भाव दीनदयाल जी के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के चिंतन का आधार था-समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपना मानकर उसके सुख-दुःख में सहभागी बनना।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आर.डी. शर्मा ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
शिविर में वृन्दावन सहित आस-पास के क्षेत्रों से आए कुल 177 नेत्र रोगियों ने पंजीकरण कराकर परीक्षण कराया जिनमें से 23 नेत्र रोगियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु भर्ती किया गया। जिनके आपरेषन कल्याणं करोति नेत्र संस्थान, गोवर्धन रोड, मथुरा पर संपन्न किये जायेगे।
इस अवसर पर ललित, निदेषक, केषव धाम, आर.डी. शर्मा, निरंजन, आर. के. वर्मा आदि उपस्थित रहें।


