कुशलिया गांव में खाद के गड्ढे और रास्ते की सरकारी भूमि कराई गई कब्जामुक्त, चला संयुक्त अभियान

गाजियाबाद। जनपद में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों तथा जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के नेतृत्व में मंगलवार को तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम कुशलिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम कुशलिया स्थित खसरा संख्या 1061 और 1067 की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया गया था। इनमें एक भूमि खाद के गड्ढे के लिए दर्ज थी, जबकि दूसरी भूमि राजस्व अभिलेखों में रास्ता श्रेणी में दर्ज है। जांच के दौरान पाया गया कि इन सरकारी भूखंडों पर अवैध रूप से निर्माण कर ‘फैज-ए-आम मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम संचालित किया गया था। बताया गया कि संबंधित मदरसा पिछले लगभग पांच वर्षों से बंद पड़ा हुआ था। प्रशासन के अनुसार उक्त भूमि पर कब्जा करने वाले यामीन पुत्र गनी का निधन हो चुका है।
राजस्व एवं प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान का नेतृत्व डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्रनाथ तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अरुण दीक्षित तथा तहसीलदार सदर रितेश सिंह ने किया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 450 से अधिक पुलिस एवं पीएसी जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध निर्माण को हटाते हुए पूरी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। कब्जामुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि सरकारी भूमि जनता की संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में सरकारी जमीनों का चिन्हांकन लगातार किया जा रहा है और जहां कहीं भी अवैध कब्जे की शिकायत या तथ्य सामने आएंगे, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध कब्जा हटाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखना और उनका उपयोग जनहित में सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के तहत सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा। जिले में हाल के दिनों में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कई बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे अभियान न केवल राजस्व अभिलेखों की रक्षा करते हैं, बल्कि भविष्य में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी अंकुश लगाने का कार्य करते हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में अवैध कब्जाधारियों के लिए किसी प्रकार की रियायत नहीं होगी और सरकारी भूमि को हर हाल में मुक्त कराया जाएगा।



