साढ़े तीन घंटे तक आग से जूझीं छह दमकल गाडिय़ां, वैशाली, साहिबाबाद और खेकड़ा से भी बुलाई गईं गाडिय़ां

गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार तड़के गत्ते और कार परफ्यूम बनाने वाली फैक्टरी में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग फैक्टरी के साढ़े तीन मंजिला भवन के प्रथम तल के पूरे हिस्से में फैल चुकी थी। सूचना मिलते ही लोनी फायर स्टेशन की तीन दमकल गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने तत्काल वैशाली, साहिबाबाद और बागपत के खेकड़ा फायर स्टेशन से भी एक-एक दमकल गाड़ी रवाना कराई। छह दमकल गाडिय़ों और अग्निशमन कर्मियों की लगातार साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 7:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। टीम की तत्परता और सूझबूझ से आग को भवन के अन्य तलों तक फैलने से रोक लिया गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 4:24 बजे लोनी फायर स्टेशन को ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर बी-3 स्थित प्लॉट नंबर डी-4 पर संचालित कुमार पैकर्स फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली थी। फैक्टरी के स्वामी मनोज कुमार हैं। सूचना मिलते ही लोनी से तीन दमकल गाडिय़ां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि आग प्रथम तल के पूरे हिस्से में फैल चुकी थी। फैक्टरी के कुछ कर्मचारी वहां स्थापित अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। सीएफओ सौरभ कुमार सिंह के निर्देशन में दमकलकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने की रणनीति बनाई। जीने के रास्ते से एक पानी की लाइन बिछाई गई, जबकि दूसरी लाइन बगल की फैक्टरी की छत से होते हुए घटनास्थल तक पहुंचाई गई। इसके बाद दोनों तरफ से पानी की तेज बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। साथ ही विशेष सतर्कता बरती गई कि आग इमारत की दूसरी मंजिलों तक न पहुंचे। आग की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने अतिरिक्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वैशाली, साहिबाबाद और खेकड़ा फायर स्टेशन से एक-एक दमकल गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। कुल छह दमकल गाडिय़ों की मदद से अग्निशमन कर्मियों ने लगातार आग पर पानी डालते हुए उसे नियंत्रित किया। सुबह करीब 7:30 बजे आग पूरी तरह बुझा दी गई। सीएफओ ने बताया कि आग बुझने के बाद भी टीम ने लापरवाही नहीं बरती। फैक्टरी में रखे सामान को हटाकर उसकी उलट-पलट कर जांच की गई, ताकि उसके नीचे सुलग रही आग और धुएं को पूरी तरह शांत किया जा सके। इस तरह दोबारा आग भड़कने की आशंका को भी खत्म करने का प्रयास किया गया। फैक्टरी के भूतल पर गत्ते बनाने का काम होता है, जबकि प्रथम तल पर कार परफ्यूम आदि बनाने का कार्य किया जा रहा था। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है और इसकी जांच की जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि पूरे अग्निशमन एवं बचाव अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रही। दमकलकर्मियों ने समन्वय, तत्परता और सूझबूझ के साथ काम करते हुए आग को अन्य मंजिलों तक फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। हादसे में कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ।



