अष्ट-सखी कुंड की मूल वैधानिक सीमा के अनुसार हो सीमांकन और पुनरुद्धार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग, पुराने राजस्व अभिलेखों और न्यायालयीय आदेशों के परीक्षण पर दिया जोर
मथुरा /गोवर्धन। राधाकुंड स्थित श्री अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण एवं पुनरुद्धार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मूल वैधानिक सीमा के अनुरूप सीमांकन कराने की मांग की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर कुंड की वास्तविक सीमा निर्धारित करने से पहले पुराने राजस्व अभिलेखों, प्रामाणिक मानचित्रों और संबंधित न्यायालयीय आदेशों का समुचित परीक्षण कराने का आग्रह किया गया है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि श्री अष्ट-सखी कुंड के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए शासन-प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में राजस्व विभाग द्वारा स्थलीय सर्वेक्षण और निरीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। कुंड के संरक्षण और विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों को आवश्यक बताते हुए मांग की गई है कि सीमांकन का आधार केवल वर्तमान जलक्षेत्र, मौजूदा भौतिक स्थिति अथवा वर्तमान कब्जों को न बनाया जाए।
पत्र में आग्रह किया गया है कि कुंड की मूल वैधानिक सीमा की पहचान उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, पुराने प्रमाणिक मानचित्रों तथा सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के संबंधित आदेशों के समुचित परीक्षण के बाद की जाए। इसके बाद ही निर्धारित सीमा के अनुरूप सीमांकन, संरक्षण और पुनरुद्धार का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, इस प्रकरण से संबंधित आवश्यक न्यायालयीय आदेश, राजस्व अभिलेख और मानचित्र संबंधित विभागों के पास उपलब्ध हैं। आवेदक ने आवश्यकता पड़ने पर अपने पास मौजूद अभिलेखों की प्रतियां भी प्रस्तुत करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि किसी भी सर्वेक्षण या वर्तमान भौतिक स्थिति को अंतिम सीमा का आधार बनाने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों और आदेशों की जांच की जा सके। पत्र में कहा गया है कि ऐसा होने से कुंड के संरक्षण एवं पुनरुद्धार का कार्य विधिसम्मत, विवादरहित और स्थायी रूप से पूरा हो सकेगा।



