जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में ओपीडी बढ़ाने पर जोर, छह माह के प्रदर्शन की होगी विशेष समीक्षा-आयुष्मान कार्ड से वंचित लाभार्थियों के जल्द कार्ड बनाने के निर्देश, जननी सुरक्षा योजना में शत-प्रतिशत भुगतान पर जोर

गाजियाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचाने को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। गुरुवार को महात्मा गांधी सभागार, जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और चिकित्सा सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में सबसे पहले जिले के सभी चिकित्सालयों में ओपीडी बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने चिकित्सालयों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सा सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। जिन विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों द्वारा न्यूनतम सर्जरी की जा रही है, उनके प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्सकों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यूनतम प्रदर्शन वाले चिकित्सकों द्वारा पिछले छह माह में किए गए कार्यों की विशेष समीक्षा करने को कहा गया, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में आयुष्मान भारत योजना की भी समीक्षा की गई। जिले में अब तक बनाए गए आयुष्मान कार्ड की स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष पात्र लाभार्थियों के कार्ड जल्द बनवाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए राशन डीलरों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे सभी लाभार्थियों तक पहुंच बनाने को कहा गया, जिनका अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहें और कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लाभार्थियों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। योजना के भुगतान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कामकाज और प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि राज्य स्तरीय डैशबोर्ड में गाजियाबाद के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों को निर्धारित समय के अनुसार प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए गए। जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के एनक्यूएएस सर्टिफिकेट से संबंधित दस्तावेज अभी पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी केंद्रों पर आवश्यक औषधियों और टेस्ट किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित नोडल अधिकारी को निर्देशित किया गया। बैठक में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। रिक्त पदों के सापेक्ष अविलंब चयन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वास्थ्य केंद्रों पर मानव संसाधन की कमी दूर की जा सके और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हों। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और आमजन को समयबद्ध तरीके से सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।


