कांवड़ शिविरों में आग से बचाव का फायर प्लान, रसोई से बिजली तक हर इंतजाम की जांच, शिविर संचालकों को सख्त निर्देश

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार को कमिश्नरेट गाजियाबाद क्षेत्र में संचालित विभिन्न कांवड़ शिविरों का व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान शिविरों में आग से बचाव के इंतजामों की बारीकी से जांच की गई और संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग की ओर से प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर 15 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां 15 अग्निशमन वाहन और करीब 85 अग्निशमन अधिकारी-कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। निरीक्षण के दौरान शिविर संचालकों को निर्देश दिया गया कि रेत, बालू और पर्याप्त मात्रा में पानी हर समय उपलब्ध रखा जाए, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उस पर काबू पाया जा सके। शिविरों में अग्निशामक यंत्र पूरी तरह कार्यशील रखने, विद्युत वायरिंग और अस्थायी कनेक्शन सुरक्षित तरीके से लगाने तथा बिजली पर अत्यधिक भार न डालने के निर्देश दिए गए। खाना बनाने वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। गैस सिलेंडरों को सुरक्षित और हवादार स्थान पर रखने तथा रसोई के आसपास अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग को हमेशा खाली रखने और ज्वलनशील सामग्री को आग एवं बिजली के उपकरणों से दूर रखने के लिए कहा गया। कांवड़ यात्रा के दौरान बारिश को देखते हुए विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। विभाग ने शिविर संचालकों को निर्देश दिया कि बारिश के समय विद्युत पोल, लाइट, वायरिंग और अस्थायी बिजली कनेक्शन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। पानी के संपर्क में आई या क्षतिग्रस्त वायरिंग का तत्काल उपयोग बंद कराया जाए। बिजली के उपकरणों को सुरक्षित और जलरोधक व्यवस्था में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि करंट लगने और शॉर्ट सर्किट की घटनाओं को रोका जा सके। अग्निशमन एवं आपात सेवा ने कांवड़ यात्रा की पूरी अवधि के लिए प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर 15 ड्यूटी प्वाइंट स्थापित किए हैं। इन स्थानों पर 15 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं, जबकि करीब 85 अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। विभाग की ओर से कांवड़ मार्गों और शिविरों का नियमित निरीक्षण करने के साथ अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।




