सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों पर रोक के संशोधन विधेयक को दोनों सदनों की मंजूरी, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा

गाजियाबाद। सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाए गए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026Ó के दोनों सदनों से पारित होने पर भाजपा के पूर्व महानगर संयोजक, पूर्व क्षेत्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य सरदार एसपी सिंह ने इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत करने वाले युवाओं के हितों की रक्षा होगी और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में शामिल माफियाओं पर कार्रवाई का रास्ता और मजबूत होगा। सरदार एसपी सिंह ने कहा कि देश में लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। युवा अपने बेहतर भविष्य और सरकारी नौकरी की उम्मीद में वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक और अनुचित साधनों के कारण उनकी मेहनत प्रभावित होती है। ऐसे में सार्वजनिक परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक का दोनों सदनों से पारित होना इस दिशा में बड़ा कदम है। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों पर कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली केवल एक छात्र के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि इससे लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है। भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं की इस चिंता को गंभीरता से समझते हुए सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा और मेहनत के दम पर आगे बढऩे वाले युवाओं को यह भरोसा मिलेगा कि उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरदार एसपी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विधेयक को पारित करने के लिए दोनों सदनों के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेपर लीक माफियाओं और परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और उनके सपनों की रक्षा करना सरकार और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था से देश के युवाओं का मनोबल बढ़ेगा और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को बिना किसी बाधा के अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास को और मजबूत करने वाला है।


