मुरादाबाद में ओवैसी का हमला: बोले- भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी एकजुट हो, देश को 40-45 साल का युवा प्रधानमंत्री चाहिए

मुरादाबाद। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी शनिवार शाम मुरादाबाद पहुंचे। उनके शहर पहुंचने पर पार्टी प्रदेश सचिव वकी रशीद एडवोकेट व अन्य कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में समर्थक काफिले के साथ जामा मस्जिद पार्क तक पहुंचे, जहां आयोजित जनसभा में ओवैसी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि देश का युवा अब तानाशाही के खिलाफ खड़ा हो गया है और जनता की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि हाल के घटनाक्रमों ने सरकार को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और संविधान की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने केंद्र सरकार की नीतियों, शिक्षा, बेरोजगारी, अल्पसंख्यकों के मुद्दों तथा संविधान से जुड़े विषयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश को नफरत नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और बराबरी के अधिकार की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच रहने का आह्वान किया।
जनसभा में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। ओवैसी के आगमन को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन मुद्दों पर सपा चुप रही। उन्होंने कहा कि आजम खान जेल में हैं और पूर्व सांसद अतीक अहमद की हत्या के मामले में भी समाजवादी पार्टी खुलकर सामने नहीं आई।
सभा में मौजूद समर्थकों की भीड़ का उत्साह देखकर ओवैसी ने कहा कि मोबाइल फोन की रोशनी से जगमगाती यह सभा देखकर मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख की नींद उड़ जाएगी।
अपने संबोधन में ओवैसी ने हाल में जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुका है और जंतर-मंतर से उठी युवाओं की आवाज ने केंद्र सरकार को असहज कर दिया है।
प्रधानमंत्री के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, इसलिए इसकी बागडोर भी युवा हाथों में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब देश को 80 वर्ष का नहीं, बल्कि 40 से 45 वर्ष का ऊर्जावान, दूरदर्शी और युवा प्रधानमंत्री चाहिए।



