पासबुक बनी परेशानी! अहीरौली दान इंडियन गैस एजेंसी पर मनमानी का आरोप, उपभोक्ताओं में आक्रोश

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डीएससी नंबर, आधार और अन्य दस्तावेज होने के बावजूद गैस नहीं देने का आरोप, एजेंसी का बयान भी आया सामने
कुशीनगर। धन दयाल पाण्डेय
जनपद के अहीरौली दान स्थित इंडियन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्रीय उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर वितरण में मनमानी की जा रही है और बिना पासबुक के गैस सिलेंडर देने से इनकार किया जा रहा है। उनका कहना है कि उपभोक्ता नंबर (डीएससी), आधार कार्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद उन्हें गैस नहीं दी जा रही है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड होने के बाद भी पासबुक की अनिवार्यता पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके बावजूद एजेंसी कर्मचारी केवल पासबुक की मांग करते हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार, घंटों लाइन में इंतजार करने के बाद भी उन्हें बिना पासबुक गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया जाता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बार-बार चक्कर लगाने से बढ़ रही परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी की इस व्यवस्था के कारण उन्हें कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहा है। लोगों का कहना है कि जब उपभोक्ता की पहचान और कनेक्शन का सत्यापन अन्य वैध दस्तावेजों से संभव है, तो केवल पासबुक के आधार पर गैस वितरण रोकना उचित नहीं है।
एजेंसी का बयान रिकॉर्ड में
इस संबंध में जब एजेंसी से संपर्क कर पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो एजेंसी की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया, “बिना पासबुक के गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा, जिसको जो करना है कर ले।” यह बयान रिकॉर्ड में उपलब्ध है।
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई
एजेंसी के इस बयान के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, जिला पूर्ति अधिकारी तथा इंडियन ऑयल के संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गैस वितरण व्यवस्था की समीक्षा करने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
(समाचार में उपभोक्ताओं के आरोप और एजेंसी का पक्ष दोनों शामिल हैं। मामले की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जानी है और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।)



