5.8 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी सड़क का टेंडर जारी, अगले माह शुरू होगा निर्माण कार्य-दो लाख से अधिक आबादी को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग, दिल्ली-मेरठ रोड तक पहुंच होगी आसान

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में वर्षों से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब जल्द ही अतीत बनने की ओर बढ़ रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने क्षेत्र के लिए प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले माह से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। करीब 90.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क न केवल राजनगर एक्सटेंशन की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि भविष्य की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लगभग 5.8 किलोमीटर लंबी होगी। यह सड़क सिटी फॉरेस्ट के निकट से शुरू होकर एनपीआर (नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड) तक पहुंचेगी, जिससे दिल्ली-मेरठ रोड तक आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा। सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा, जबकि बीच में आधुनिक डिवाइडर, सीवर लाइन और अत्याधुनिक स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था भी की जाएगी। केवल स्ट्रीट लाइट लगाने पर ही लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे रात के समय भी सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके। राजनगर एक्सटेंशन वर्तमान में गाजियाबाद के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां 63 से अधिक आवासीय सोसायटियां हैं, जिनमें दो लाख से अधिक लोग निवास करते हैं। आबादी लगातार बढऩे के बावजूद पूरे क्षेत्र का यातायात अभी तक मुख्य रूप से एक ही मार्ग पर निर्भर है। यही कारण है कि गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर से दिल्ली तथा नोएडा की ओर जाने वाले वाहनों का भारी दबाव इस सड़क पर रहता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में लंबा जाम लगना यहां की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है, जिससे हजारों लोगों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई आउटर रिंग रोड बनने के बाद यातायात का दबाव मुख्य मार्ग से कम होगा और लोगों को एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्र में प्रदूषण और ईंधन की अनावश्यक खपत में भी कमी आने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह परियोजना लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगी और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक सुचारु बनाएगी। जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन के अनुसार, आउटर रिंग रोड केवल वर्तमान ट्रैफिक समस्या के समाधान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य के विकास को भी गति देगी। उन्होंने बताया कि यह सड़क विकसित किए जा रहे हरनंदीपुरम आवासीय टाउनशिप, प्रस्तावित एयरोसिटी व्यावसायिक टाउनशिप और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी सीधे जोडऩे का कार्य करेगी। इससे इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी और पूरे क्षेत्र में निवेश तथा विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। प्राधिकरण का मानना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण लोगों को दैनिक आवागमन में सुविधा मिलेगी, रियल एस्टेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के समग्र आर्थिक एवं शहरी विकास को नई गति प्राप्त होगी। जीडीए अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुरू कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ मिल सके।



