अवैध कॉलोनियों पर जीडीए का बुलडोजर, मुरादनगर में 24 हजार वर्गमीटर में हो रही प्लॉटिंग ध्वस्त

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए बुधवार को मुरादनगर क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 24 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस और प्राधिकरण की टीम ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। जीडीए ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान ग्राम डिडौली, मुरादनगर स्थित खसरा संख्या-444 में श्री कृष्णपाल द्वारा लगभग 16 हजार वर्गमीटर भूमि पर मिट्टी डालकर सड़क निर्माण तथा चिनाई कर प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। जांच के दौरान संबंधित पक्ष द्वारा जीडीए का कोई स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़कों, प्लॉटिंग और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। इसी अभियान के तहत मुरादनगर क्षेत्र स्थित एनसी भानू रेजिडेंसी में भी कार्रवाई की गई। यहां श्री प्रमोद कुमार, श्री पवन कुमार एवं आईएमपी रियल्टी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग 8 हजार वर्गमीटर अतिरिक्त भूमि पर सड़क, नाली और चिनाई कर प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। जांच में पाया गया कि कॉलोनी का पूर्व स्वीकृत मानचित्र वर्ष 2014 का था, लेकिन स्वीकृत सीमा से बाहर अतिरिक्त भूमि पर अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे थे। इस पर जीडीए ने अतिरिक्त हिस्से में किए गए निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइजरों ने कार्रवाई का विरोध किया तथा कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि पहले से तैनात प्राधिकरण पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माण, सड़क, नाली और प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में प्रवर्तन जोन-2 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ प्राधिकरण पुलिस बल ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। जिन स्थानों पर आवश्यकता थी, वहां अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ-साथ सील करने की कार्रवाई भी की गई, ताकि दोबारा निर्माण न हो सके। जीडीए अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना का स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक दस्तावेज अवश्य जांच लें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने से आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है और ऐसे निर्माणों पर प्राधिकरण द्वारा किसी भी समय कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने दोहराया कि शहर में अनधिकृत निर्माण और अवैध कॉलोनियों को किसी भी कीमत पर विकसित नहीं होने दिया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण, सीलिंग तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई इसी प्रकार जारी रहेगी।



