शहर-राज्य

60 लाख की नकली सोलर लाइट

-अडींग पंचायत में सोलर स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइट में घोटाला 

-आर टी आई से खुलासा , किस कंपनी की लाइट पता नहीं 

मथुरा। गोवर्धन क्षेत्र की अड़ींग पंचायत में 60 लाख 995 रुपए की सोलर हाईमास्ट एवं एवं एल ई डी लाइटों में भी घोटाला हुआ है। इसका खुलासा आरटीआई में मिली सूचना तथा सूर्या के लोगो वाली लाइटों के फोटो कंपनी को भेजने से हुआ है। कार्यदाई संस्था की अनुबंध पत्रावली में लाइट खरीदी के बिल ही नहीं है। उधर कंपनी ने बगैर बिल के कापीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई से इंकार कर दिया है। विभागीय जांचों में लीपापोती आम हो चली है।

उल्लेखनीय है कि अड़ींग पंचायत में वर्ष 2023-24 में 46,70,640 की सोलर हाईमास्ट लाइटें लगाने को धन निकाला गया। एक खंभे पर चार लाईट वाली 40 लाइट गांव में कहां कहां लगीं हैं इसकी लिस्ट भी पत्रावली में नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो यह लाइट पूरी लगी ही नहीं। इतना ही नहीं जो लाइटें खराब हो गईं उन्हें ठीक करने भी कोई नहीं आया। 5 साल की वारंटी वाली इन लाइटों को लगाने वाली फर्म की सिकोर्टी का धन‌ भी समय अवधि खत्म होने से पूर्व रिलीज कर दिया। 

इसी तरह एक लाइट वाली 60 सोलर लाइटों पर 13,30,315 रुपए खर्च किए गये। इनमें भी स्थान का अता पता नहीं। पंचायत के अलावा सांसद हेमा मालिनी और विधायक मेघश्याम सिंह ने भी दर्जनों सोलर लाइट लगवाई हैं लेकिन गांव का अंधकार दूर नहीं हुआ। पंचायत में सोलर लाइट का काम आर एस कंस्ट्रक्शन एवं गोपालजी कंस्ट्रक्शन द्वारा कराए गये। पंचायत से प्राप्त आरटीआई में लाइटें किस कंपनी से खरीदी हैं इसका बिल, इनवायस आदि होने से इन्कार कर दिया है। इन लाइटों की कोई तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट भी नहीं है। 

सचिव यतिन शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी ने संपूर्ण कार्यों के लिए जांच बिठा रखी है। जोभी होगा जांच में सामने आ जाएगा। 

बाक्स 

शासनादेश से भिन्न हैं लाइट

मथुरा। अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी शासन पत्र संख्या 1066 दिनांक 02/07/21 में सोलर लाइट का इस्पेसिफिकेशन दिया है। इसमें बजाज, सिस्का, क्राम्पटन, ओरियंट, विप्रो, फिलिप्स, हैवल्स, पेनासोनिक , सूर्या, हैलोनिक्स एवं एवररेडी मेक लाइटें अनुमोदित हैं। पत्रावली में बिल न होना सिद्ध करता है कि गड़बड़ झाला है।

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