मचान विधि से सब्जी की खेती बढ़ा रही किसानों की आय

वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। जनपद के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ मचान विधि अपनाकर सब्जियों का अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में लोटन क्षेत्र सहित कई स्थानों पर किसान लौकी, तोरई, करेला, खीरा, सेम सहित अन्य बेलदार सब्जियों की खेती मचान पद्धति से कर रहे हैं। इस विधि में खेत में मजबूत खंभों, बांस और तारों की सहायता से जाल तैयार किया जाता है, जिस पर बेलें ऊपर की ओर बढ़ती हैं। इससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, रोगों का प्रकोप कम होता है तथा सब्जियां दाग-धब्बे रहित और अच्छी गुणवत्ता की प्राप्त होती हैं। साथ ही फसल की सिंचाई, देखभाल और तुड़ाई भी आसान हो जाती है। किसान सच्चिदानंद, श्रीमती निर्मला, ज्ञानदास और गोवर्धन ने बताया कि मचान विधि से फल जमीन से ऊपर रहते हैं, जिससे उनके सड़ने की संभावना कम हो जाती है और उत्पादन भी बढ़ता है।
जिला उद्यान अधिकारी विमल कांत ने बताया कि किसानों को इस तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में जलभराव वाली भूमि के लिए यह तकनीक बेहद लाभकारी है, जिससे सब्जियों की उपज में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि और किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है।



