गोवर्धन में बढ़ा बंदरों का आतंक, हिंसक होते बंदरों से दहशत में लोग
बच्चों और राहगीरों में दहशत, घरों से निकलना भी हुआ मुश्किल; प्रशासन से अभियान चलाने की मांग
मथुरा/गोवर्धन। धार्मिक नगरी गोवर्धन में इन दिनों बंदरों की बढ़ती संख्या के साथ उनका आतंक भी बढ़ गया है। बंदर अब केवल सामान छीनने या घरों में घुसने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में झुंड के रूप में घूम रहे बंदरों से बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में दहशत का माहौल है।
खेरा मोहल्ला, दसविसा, महल बदन सिंह, रामबाबा आश्रम, लोकमणि विहार, पूंछरी-जतीपुरा मार्ग और मिर्ची वाली बगीची समेत कई इलाकों में बंदरों का खासा बोलबाला है। लोगों का आरोप है कि आसपास के क्षेत्रों से बंदरों को लाकर गोवर्धन में छोड़ा जा रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा चना, केला और फ्रूटी आदि खिलाए जाने से भी इनकी संख्या बढ़ रही है। बंदर घरों में घुसकर सामान उठाने के साथ रास्तों पर अचानक हमला कर देते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा भी बना रहता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बंदरों के काटने और हमले में घायल लोगों के मामले सामने आते रहते हैं। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों को है, जिन्हें बंदरों के डर से अकेले गलियों में भेजना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ने के बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने, आबादी वाले क्षेत्रों से हटाने और उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए जल्द अभियान चलाने की मांग की है।



