गाजियाबाद में 3.75 लाख पुराने वाहनों पर शिकंजा, सोसाइटियों से लेकर सड़कों तक चलेगा स्क्रैप अभियान
गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अब सड़कों से पुराने और समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को हटाने की कवायद तेज हो गई है। गाजियाबाद में परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए आरडब्ल्यूए और एओए का सहयोग लेने की तैयारी की है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 3.75 लाख निजी और व्यावसायिक वाहन ऐसे हैं, जो निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं अथवा प्रदूषण मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। इन वाहनों को चिन्हित कर स्क्रैप कराने की दिशा में विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
परिवहन विभाग की ओर से नया सफर योजना के तहत वाहन स्वामियों को पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए सोसाइटी प्रबंधन, आरडब्ल्यूए और एओए के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की जाएंगी। बैठकों में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण और उन्हें स्क्रैप कराने से मिलने वाले लाभों की जानकारी वाहन स्वामियों को दी जाएगी। परिवहन विभाग अब आवासीय सोसाइटियों और अन्य स्थानों पर लंबे समय से खड़े पुराने वाहनों पर भी नजर रखेगा। विभाग की टीम सोसाइटी प्रबंधन के साथ मिलकर ऐसे वाहनों को चिन्हित करेगी। सोसाइटी परिसर या सार्वजनिक स्थानों पर पाए जाने वाले समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों को नियमानुसार जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर भेजने की कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ प्रवर्तन अमित राजन राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य यूरो-1 से यूरो-5 तक के पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना है। इसके लिए सोसाइटियों और आरडब्ल्यूए के साथ बैठक कर वाहन स्वामियों को पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के फायदे बताए जाएंगे। चिन्हित वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैप सेंटर भेजा जाएगा। गाजियाबाद में पुराने व्यावसायिक वाहनों की संख्या भी हजारों में है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में यूरो-1 श्रेणी के पांच, यूरो-2 के 1551, यूरो-3 के 2285 और यूरो-4 श्रेणी के 6142 व्यावसायिक वाहन पंजीकृत हैं। इस तरह जिले में कुल 9983 पुराने व्यावसायिक वाहन दर्ज हैं। इन वाहनों को भी अभियान के तहत चिन्हित कर सड़कों से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए गाजियाबाद में शासन से अधिकृत पांच स्क्रैप सेंटर संचालित हैं। वाहन स्वामी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना वाहन स्क्रैप कराकर प्रमाणपत्र (सीओडी) प्राप्त कर सकेंगे। पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर जमा कराने और प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद वाहन स्वामी को नए वाहन की खरीद में लाभ मिलेगा। विभाग के अनुसार वाहन स्वामी नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहन खरीदने पर निर्धारित प्रावधानों के तहत लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा ने कहा कि ‘प्रदूषण कम करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरडब्ल्यूए और एओए के प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बैठाया जा रहा है, ताकि पुरानी गाडिय़ों को चिन्हित कर उन्हें हटाया जा सके। वाहन स्वामियों की स्वीकृति से ईओएल वाहनों को सीधे अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर भेजा जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने से वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वाहन स्वामियों को नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों की ओर बढऩे के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।


