कौशल विकास आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत आधारशिला-सीडीओ

विजय द्विवेदी वेलकम इन्डिया दिनांक 20 जुलाई 2026 प्रतापगढ़। मुख्य विकास अधिकारी डा0 राममोहन मीना ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), प्रतापगढ़ का भ्रमण कर संस्थान में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया, नवीन प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ किया तथा प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सर्वप्रथम संस्थान में संचालित 38 दिवसीय असिस्टेंट बुक कीपर एवं 13 दिवसीय कृषि उद्यमी आवासीय प्रशिक्षण बैचों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, भोजन, आवास एवं अन्य उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा प्रशिक्षणार्थियों को अनुशासन एवं समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।इसके पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने एसी एवं फ्रिज रिपेयर के नवीन प्रशिक्षण बैच का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण की अत्यधिक मांग है तथा एसी एवं फ्रिज रिपेयर जैसे ट्रेड युवाओं के लिए कम समय में बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। इस अवसर पर उन्होने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भरता की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आरसेटी जैसे संस्थान युवाओं एवं महिलाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्राप्त किया जा रहा प्रशिक्षण भविष्य में उनकी आर्थिक उन्नति एवं सम्मानजनक आजीविका का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत वे अपनी आवश्यकता के अनुरूप मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं का लाभ लेकर अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए समय-समय पर आरसेटी परिसर में सीएम युवा योजना का पंजीकरण शिविर एवं सहायता डेस्क का आयोजन किया जाता है।कार्यक्रम के दौरान वूमेन टेलरिंग बैच की प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी 32 महिला प्रशिक्षणार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी ने प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। महिला प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई के कौशल को आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए तो रोजगार के असीमित अवसर उपलब्ध है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विश्वभर में उपयोग होने वाले अनेक उत्पाद कुशल हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किए जाते हैं। इसलिए प्रशिक्षार्थियों को अपने हुनर को समय की मांग के अनुसार निरंतर विकसित करना चाहिए।भ्रमण के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने आरसेटी परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सभी प्रशिक्षार्थियों एवं अधिकारियों के साथ सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाया। कार्यक्रम का स्वागत आरसेटी निदेशक रवि रंजन ने किया। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) नीरज सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल तभी सार्थकहोगा जब प्रशिक्षार्थी पूरे समर्पण के साथ सीखकर उसे स्वरोजगार में परिवर्तित करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि बैंकिंग प्रणाली प्रत्येक पात्र प्रशिक्षार्थी को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी का संस्थान आगमन एवं प्रशिक्षार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक श्री नारायण, बैंक ऑफ बड़ौदा महुली शाखा के मुख्य प्रबंधक अविनाश, आरसेटी के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।


