कैनरा बैंक अधिकारियों पर गंभीर आरोप, राष्ट्रपति से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

उज्ज्वल रस्तौगी मेरठ
मेरठ। कैनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, बकाया किराये का भुगतान न करने, दबाव बनाने, धमकी देने और अधिकारों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर आंचल जैन ने राष्ट्रपति को शिकायत भेजकर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, उनकी सास स्वर्गीय श्रीमती सुधा जैन ने वर्ष 1985 में तत्कालीन सिंडिकेट बैंक के साथ परिसर संबंधी लीज डीड कराई थी। बाद में उक्त लीज का अलग-अलग अवसरों पर नवीनीकरण किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगस्त 2023 में बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के साथ परिसर को स्टोरेज के उद्देश्य से किराये पर देने को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन किराये और भुगतान से जुड़े विवाद के कारण मामला लगातार उलझता चला गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बैंक अधिकारियों द्वारा बकाया किराये के भुगतान में देरी की गई तथा कई बार भुगतान के लिए याद दिलाना पड़ा। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि परिसर खाली कराने और सामान हटाने को लेकर दबाव बनाया गया तथा बैंक अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर धमकाने का प्रयास किया गया।
शिकायत में 9 जुलाई 2024 को कुछ वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के परिसर में आने और कथित रूप से धमकाने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद 10 जुलाई 2024 को करीब 10 व्यक्तियों के वाहनों से परिसर में आने तथा दबाव बनाने की शिकायत की गई। 11 जुलाई 2024 को क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दिव्य लोचन के परिसर में आने और कथित रूप से धमकाने का भी उल्लेख आवेदन में किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों ने क्रेडिट लिमिट बंद करने, बैंक बदलने के लिए मजबूर होने तथा लोन से संबंधित मामलों में दबाव बनाने जैसे कदम उठाए। आवेदन में 11 अगस्त 2025 को जिला उद्योग केंद्र, मेरठ के उपयुक्त/अधिकारी श्री दिपेंद्र कुमार से जुड़े घटनाक्रम तथा 12 अगस्त 2025 को जिला उद्योग केंद्र कार्यालय के समक्ष बैंक अधिकारियों द्वारा कथित दबाव बनाने का भी जिक्र किया गया है।
शिकायत में परिसर में रखे स्टोरेज रैक से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि बैंक अधिकारियों द्वारा सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और किराये के स्थान पर नए स्टोरेज रैक खरीदे जाने की भी जांच आवश्यक है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न और वित्तीय दबाव के कारण शिकायतकर्ता की सास की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं से संबंधित दस्तावेज, कोटेशन, चालान, भुगतान रिकॉर्ड, अनुबंध, ई-मेल, CCTV फुटेज तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान सुरक्षित रखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिए जाएं, कैनरा बैंक से बकाया किराया एवं अन्य देय राशि का उचित भुगतान कराया जाए तथा बैंक अधिकारियों पर लगाए गए भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, दबाव और धमकी के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शिकायत में यह भी अनुरोध किया गया है कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता के विरुद्ध किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक या दबाव वाली कार्रवाई न की जाए और मामले का निष्पक्ष एवं शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
नोट: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध दस्तावेज से नहीं हुई है। संबंधित बैंक अधिकारियों/कैनरा बैंक का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।





