एशियन पैरा गेम्स में देश को दिलाना था गोल्ड, उससे पहले ही बुझ गया चिराग-400 मीटर दौड़ में इंटरनेशनल गोल्ड जीतकर एशियन पैरा गेम्स के लिए किया था क्वालीफाई

गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना संजोए एक होनहार पैरा एथलीट की जिंदगी शनिवार को अपराधियों की गोली का शिकार हो गई। मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर सैंथली निवासी 25 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे खेल जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। चिराग आगामी अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियन पैरा गेम्स की तैयारी में जुटे थे और उनसे देश को स्वर्ण पदक की बड़ी उम्मीद थी। चिराग दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम स्थित साईं हॉस्टल में रहकर कोच गजेंद्र के निर्देशन में कड़ी मेहनत कर रहे थे। हाल ही में बंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में उन्होंने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उनका चयन एशियन पैरा गेम्स के लिए हुआ था। परिजनों के अनुसार, चिराग बचपन से आंखों की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। कुछ वर्ष पूर्व मुरादनगर गंगनहर से नया बस अड्डा तक की दूरी मात्र 40 मिनट में तय कर उन्होंने सुर्खियां बटोरी थीं। चिराग के मामा के बेटे विवेक त्यागी ने बताया कि वह देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना देखते थे। एशियन पैरा गेम्स को लेकर बेहद उत्साहित थे और दिन-रात तैयारी कर रहे थे। बंगलुरु में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ गया था। परिवार के इकलौते बेटे की हत्या से परिजन बदहवास हैं, जबकि गांव और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार को नया बस अड्डा क्षेत्र स्थित साईं उपवन में चिराग का शव लहूलुहान अवस्था में मिला था। घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ था और उनके चेहरे पर भी चोटों के निशान दिखाई दिए। मौके के हालात देखकर पुलिस ने आशंका जताई कि हत्या से पहले चिराग और आरोपी के बीच संघर्ष हुआ था। पुलिस जब उन्हें जिला एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंची तो चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में करंट लगने की संभावना भी जताई थी। हालांकि पीठ पर गोली लगने का निशान मिलने के बाद मामला हत्या का निकला। डॉक्टरों ने शव का एक्स-रे कराया, जिसमें शरीर में दो गोलियां मिलीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मौत केवल गोली लगने से हुई या फिर सिर पर किसी भारी वस्तु से वार भी किया गया था। साथ ही यह भी सामने आएगा कि हत्या से पहले उनके साथ मारपीट हुई थी या नहीं। मामले में पुलिस ने मुरादनगर निवासी पैरा एथलीट यश खटीक को हिरासत में लिया है। शुरुआती पूछताछ में उसने तमंचे से दो गोलियां मारकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चार दिन पहले ही तमंचा खरीदा था। हत्या के बाद वह अपने घर लौट गया। बताया जा रहा है कि चिराग की गर्लफ्रेंड ने यश को फोन कर चिराग का फोन न उठने की जानकारी दी थी, जिस पर उसने जल्द आने का आश्वासन दिया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है। वहीं पैरा पावर लिफ्टिंग के चेयरमैन जेपी सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम हाउस पर मुरादनगर विधायक अजितपाल त्यागी भी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। जिस खिलाड़ी से देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वर्णिम सफलता की उम्मीद थी, उसकी असमय मौत ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है। चिराग त्यागी का अधूरा सपना और उनकी संघर्षभरी कहानी लंबे समय तक लोगों को याद रहेगी।



