एनसीआर में मोबाइल-चेन लूटने वाले पांच गिरफ्तार; मदरबोर्ड और सोने के आभूषण बरामद-1500 रुपये में खरीदते थे लूटे मोबाइल, मदरबोर्ड 2500 रुपये तक में बेचकर कमाते थे मुनाफा

गाजियाबाद। एनसीआर में मोबाइल और चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच की एंटी स्नैचिंग टीम ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पिछले तीन माह से सक्रिय था और गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा तथा हापुड़ में करीब 15 मोबाइल और सात चेन स्नैचिंग की वारदात कर चुका है। आरोपियों के कब्जे से सोने की गिट्टी, एक चेन, सात मोबाइल मदरबोर्ड, पांच बिना मदरबोर्ड के मोबाइल, एक अन्य मोबाइल, दो बाइक और अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किए गए हैं। सोमवार को पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) बलवंत कुमार चौधरी ने एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह की मौजूदगी में बताया कि अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी स्नैचिंग टीम ने नंदग्राम के हरवंश नगर निवासी रविकुमार शर्मा, मोरटी निवासी अर्पित त्यागी और विशाल, सिहानी निवासी गोलू उर्फ आशुतोष तथा संगम विहार निवासी देव शर्मा को गिरफ्तार किया है। गिरोह का संचालन मुख्य रूप से रवि और विशाल करते थे, जबकि लूटे गए मोबाइल के पुर्जे अलग कर बेचने और चेन खपाने का अलग नेटवर्क था। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्नैचिंग में लूटी गई सोने की चेन नंदग्राम क्षेत्र के एक स्वर्ण व्यवसायी को कथित तौर पर आधे दाम पर बेचते थे। पुलिस के अनुसार, संबंधित सुनार के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से सोने की एक गिट्टी, एक सोने की चेन, सात मोबाइल मदरबोर्ड, पांच बिना मदरबोर्ड के मोबाइल, पोवा कंपनी का एक मोबाइल, 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है। इसके अलावा स्प्लेंडर सहित दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं। मामले में थाना मधुबन बापूधाम में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रवि और विशाल ने करीब छह माह पहले अपने साथियों के संपर्क में आकर बाइक चोरी की वारदात शुरू की। इसके बाद चोरी की बाइक का इस्तेमाल मोबाइल और चेन स्नैचिंग के लिए किया जाने लगा। पुलिस के अनुसार, दिल्ली के कल्याणपुरी क्षेत्र से बाइक चोरी के मामले में जुलाई में मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, स्नैचिंग में इस्तेमाल करने के लिए नंदग्राम क्षेत्र से भी करीब एक सप्ताह पहले बाइक चोरी की गई थी, जिसके संबंध में 16 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, नोएडा और हापुड़ में वारदात करते थे। आरोपियों से बरामद दोनों बाइकों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अन्य घटनाओं और बरामद सामान के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, स्नैचिंग के बाद मोबाइल फोन देव शर्मा को सौंप दिए जाते थे। वह पहले नंदग्राम में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था, जिसे करीब छह माह पहले बंद कर दिया था। वर्तमान में वह रैपिडो में डिलीवरी का काम करता है। आरोप है कि वह गिरोह से करीब 1500 रुपये में मोबाइल खरीदता था और उनके पुर्जे अलग कर मदरबोर्ड दिल्ली के गफ्फार मार्केट और मुस्तफाबाद में दुकानों पर दो हजार से ढाई हजार रुपये तक में बेच देता था। इस तरह मोबाइल के बाकी हिस्सों को अलग करने के बाद मदरबोर्ड बेचकर मुनाफा कमाया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद मदरबोर्ड किन मोबाइलों के हैं और उन्हें खरीदने वाले लोगों या दुकानों का नेटवर्क कितना बड़ा है।


